By रेनू तिवारी | Mar 09, 2026
सऊदी अरब के अल-खर्ज में एक आवासीय परिसर पर हुए हालिया मिसाइल हमले को लेकर भारतीय दूतावास ने बड़ी राहत भरी खबर दी है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि रविवार शाम हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भी भारतीय नागरिक की जान नहीं गई है। यह बयान उन शुरुआती अपुष्ट खबरों के बाद आया है, जिनमें एक भारतीय के मारे जाने की आशंका जताई गई थी। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि हमले में एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है, जिसकी स्थिति अब स्थिर है।
दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राहत की बात है कि कल शाम अल खर्ज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भी भारतीय की जान नहीं गयी।’’ दूतावास ने बताया कि वह इस मामले में संबंधित सऊदी प्रशासन के संपर्क में है। परामर्शदाता (सामुदायिक कल्याण) वाई साबिर ने रविवार रात अल खर्ज का दौरा किया और घटना में घायल हुए भारतीय नागरिक से मुलाकात की।
दूतावास ने बताया, ‘‘उनका (घायल व्यक्ति का) अल खर्ज के एक सरकारी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।’’ रविवार को ‘सऊदी सिविल डिफेंस’ ने बताया था कि अल खर्ज में रखरखाव और सफाई से संबंधित एक कंपनी के आवासीय परिसर पर मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक भारतीय नागरिक था। उसने कहा था कि इस घटना में एक बांग्लादेशी नागरिक की भी मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए।
हालांकि, सऊदी प्रशासन ने मृतकों की पहचान जारी नहीं की थी। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी से ईरान पर संयुक्त हमला शुरू किया था। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए समझौते के लिए दबाव बढ़ाने के बाद कई दिनों से की जा रही तैयारियों के बाद हुआ। ईरान की जवाबी कार्रवाई ने युद्ध को पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैला दिया।
रविवार को 'सऊदी सिविल डिफेंस' ने रिपोर्ट दी थी कि अल-खर्ज में एक रखरखाव और सफाई (Maintenance and Cleaning) कंपनी के आवासीय परिसर पर एक मिसाइल गिरी। पहले दावा किया गया था कि हमले में दो लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। घटना में कुल 12 लोग घायल हुए हैं, जो मुख्य रूप से विदेशी कामगार हैं। हालांकि, बाद में भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि मृतकों में कोई भारतीय शामिल नहीं है।
यह हमला उस बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा है जो 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए संयुक्त हमले के बाद भड़क उठा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नए परमाणु समझौते के लिए दबाव बढ़ाने के बाद यह तनाव चरम पर पहुँचा। अमेरिकी और इज़राइली एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने पलटवार किया, जिसके कारण युद्ध अब इज़राइल की सीमाओं से निकलकर पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में फैल गया है। सऊदी अरब जैसे देशों में सक्रिय मिलिट्री प्रोजेक्टाइल्स और ड्रोन हमलों ने वहाँ रह रहे लाखों विदेशी मज़दूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।