Saudi Arabia की मुख्य तेल पाइपलाइन पर Drone Attack, इराक ने शुरू की जांच

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 12, 2026

ईरान समर्थित मिलिशिया ने इराक में सऊदी अरब की प्रमुख पाइपलाइन पर कथित तौर पर हमला करके उसे बंद कर दिया, जिसके बाद इराकी सरकार शनिवार को स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटी रही। इराक सरकार ने इराकी क्षेत्र में यह हमला होने की पुष्टि करते हुए जांच का वादा किया और एक सैन्य कमांडर को हटा दिया। इराक पर इस बात का दबाव बढ़ रहा है कि वह स्थानीय मिलिशिया को क्षेत्र में ईरान समर्थित अन्य समूहों की मदद करने से रोके।

हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक द्वीप पर कब्जा कर लिया। यह एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया का करीब 12 प्रतिशत व्यापार होता है। इस जलडमरूमध्य पर हूतियों का नियंत्रण होने से वैश्विक तेल कीमतें बढ़ सकती हैं।

छह महीने से जारी ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पहले से ही तेल की कीमतें बढ़ी हुई हैं। ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन बाधित होने के बाद से यह मार्ग सऊदी तेल के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्ता बन गया था। इराकी अधिकारियों ने पता लगाया है कि सऊदी पाइपलाइन को निशाना बनाने वाले हमले ईरान सीमा से लगे देश के मैसान प्रांत के एक स्थान से किए गए थे।

सरकार ने शनिवार सुबह एक बयान में यह जानकारी दी। शनिवार के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने प्रांत के संचालन कमान के खिलाफ जांच का आदेश दिया और उसके कमांडर को हटा दिया। सऊदी अरब ने शुक्रवार को देश के अंदर से गुजरने वाली प्रमुख तेल पाइपलाइन को बंद कर दिया था।

उसने कहा था कि ड्रोन हमले के बाद यह सावधानी के तौर पर उठाया गया कदम है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में हमले के लिए इराक से आए कई ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन कहा कि सऊदी अरब जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा, ताकि इराक सरकार को जरूरी कदम उठाने का मौका दिया जा सके। जांच के तहत इराक ने ईरान के साथ लगी दो प्रमुख सीमा चौकियां बंद कर दीं।

ईरान की सरकारी मीडिया ने शनिवार को बताया कि अगली सूचना तक यात्री और व्यावसायिक यातायात रोक दिया गया है। इस बीच यमन में फिर से गृहयुद्ध भड़कने की आशंका पैदा हो गई है। यमन में 2022 से काफी हद तक गृहयुद्ध रुका हुआ है।

सबसे गरीब अरब देश यमन में करीब चार करोड़ लोगों का भविष्य दांव पर है। यमन में 2014 में शुरू हुए गृहयुद्ध में 1.5 लाख लोग मारे गए और कई अन्य लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले एक सप्ताह में लड़ाई बढ़ने के कारण 46,000 से ज्यादा लोग अपना घर छोड़कर भाग चुके हैं।

हूती विद्रोही 2014 से यमन सरकार के साथ युद्ध कर रहे हैं। उस समय विद्रोहियों ने उत्तरी और मध्य यमन के बड़े हिस्से तथा राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके अगले साल सऊदी अरब ने सरकार के समर्थन में इस युद्ध में प्रवेश किया था।

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