By अभिनय आकाश | Aug 01, 2026
क्या पाकिस्तान एक बार फिर डिफॉल्ट होने की कगार पर बाल-बाल बचा है या फिर सऊदी अरब ने पाकिस्तान की गर्दन पर लटकी कर्ज की तलवार को 3 साल के लिए और ढीला कर दिया है। जिस देश के पास अपने कंगाली के ढोल पीटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा उस पाकिस्तान को एक बार फिर सऊदी अरब ने संजीवनी बूटी दे दी है। पूरे $5 अरब डॉलर। $5 अरब डॉलर का कर्ज रोलओवर हो चुका है। यानी अगले 3 साल तक पाकिस्तान को यह पैसा सऊदी को वापस नहीं लौटाना पड़ेगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये पाकिस्तान के लिए राहत की बात है या ये इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि पाकिस्तान बिना विदेशी बैसाखियों के अब दो दिन भी नहीं चल सकता। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और स्टेट बैंक के गवर्नर जमील अहमद आज छाती ठोक कर कह रहे हैं कि सऊदी ने हमारी मदद कर दी है। रोलओवर का मतलब तरक्की नहीं होता है। रोलओवर का सीधा सा मतलब है कि आपकी जेब में पैसा लौटाने की औकात नहीं। इसीलिए आपने हाथ जोड़कर मालिक से कहा हुजूर थोड़ा टाइम और दे दो। अभी हम लुटे पीटे हैं और सुनिए ये पहली या दूसरी बार नहीं है।
बिल्कुल नहीं। दुनिया में कोई किसी को मुफ्त में $5 अरब डॉलर नहीं देता। सऊदी अरब जानता है कि पाकिस्तान इस वक्त उनके इशारों पर नाचने को मजबूर है। चाहे वो मध्यपूर्व यानी मिडिल ईस्ट की राजनीति हो या रणनीति फायदे। सऊदी जब चाहे पाकिस्तान का गला दबा सकता है। पाकिस्तान आज एक ऐसा मुल्क बन चुका है जो सिर्फ कर्ज लेकर पुराना कर्ज चुका रहा है। इसे अर्थशास्त्र की भाषा में डेफ ट्रैप यानी कर्ज का चक्रव्यूह कहते हैं। स्टेट बैंक के गवर्नर भले ही कहें कि तनाव कम हो गया है लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि यह राहत सिर्फ और सिर्फ वेंटिलेटर पर पड़े मरीज को कुछ दिन और जिंदा रखने जैसी है। जब तक पाकिस्तान अपनी बर्बादी की नीतियां नहीं बदलेगा 3 साल क्या? 30 साल बाद भी यह देश कटोरे लेकर ही खड़ा मिलेगा।