By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 23, 2026
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का कुल कारोबार वर्ष 2030 तक बढ़कर करीब ₹200 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। बैंक के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा कि मौजूदा वृद्धि दर को देखते हुए 2030 तक एसबीआई का कुल कारोबार ₹170-180 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है और इसके ₹200 लाख करोड़ के स्तर को छूने की भी संभावना है। उस समय बैंक अपनी 75वां स्थापना दिवस मनाएगा। एसबीआई की स्थापना एक जुलाई, 1955 को संसद के कानून के तहत हुई थी। देश के सबसे बड़े ऋणदाता एसबीआई का कुल कारोबार जून, 2026 के अंत में बढ़कर ₹110.01 लाख करोड़ हो गया है। इसमें बैंक के कुल ऋण और अग्रिम शामिल हैं।
शेट्टी ने पीटीआई-के साथ साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि 2030 के लिए ₹200 लाख करोड़ का कोई औपचारिक लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है, बल्कि यह मौजूदा वृद्धि के आधार पर संभावित स्तर है। एसबीआई ने अपने ‘दृष्टिकोण 2030’ के तहत ग्राहकों, कर्मचारियों, शेयरधारकों तथा सरकार और नियामकों-इन चार प्रमुख हितधारकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी है। बैंक का लक्ष्य ग्राहकों के अनुभव में सुधार, कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने, शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन और देश की आर्थिक वृद्धि में अपनी भूमिका को मजबूत करना है।
शेट्टी ने कहा कि बैंक कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों को समर्थन देने के साथ बचत जुटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म स्तर पर ऋण वृद्धि को समर्थन देने के लिए पर्याप्त पूंजी बनाए रखना महत्वपूर्ण लक्ष्य है। पूंजी के मोर्चे पर एसबीआई साझा इक्विटी टियर-1 (सीईटी1) अनुपात करीब 12 प्रतिशत और पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) करीब 15 प्रतिशत बनाए रखने का लक्ष्य रखता है।
वहीं, बैंक लगातार अपनी दक्षता और उत्पादकता बढ़ाकर लागत-से-आय अनुपात में करीब 2-3 प्रतिशत अंक की कमी लाने पर भी ध्यान दे रहा है। चेयरमैन ने कहा कि विशेष लक्ष्य और आंकड़े हर साल अनुमान और प्रगति के आधार पर बदलते हैं। लेकिन ये व्यापक लक्ष्य विभिन्न आर्थिक चक्रों में एसबीआई की रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।