मराठा आरक्षण मामला: SC ने खारिज की केंद्र की पुनर्विचार याचिका, कहा- कोई पर्याप्त आधार दिखाई नहीं देता

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 02, 2021

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र की वह याचिका खारिज कर दी है जिसमें शीर्ष अदालत से पांच मई के बहुमत के एक निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया था। उस फैसले में व्यवस्था दी गई थी कि संविधान में 102वें संशोधन के बाद नौकरियों और दाखिलों के लिए सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) की घोषणा करने की शक्ति राज्यों के पास नहीं रही है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, ‘‘हमने पांच मई के फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका का अध्ययन किया है... पुनर्विचार याचिका का जो आधार बताया गया है, वह उस सीमित आधार के दायरे में नहीं आता जिसकी बुनियाद पर पुनर्विचार याचिका पर विचार किया जा सकता है।’’ 

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 13 मई को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि केंद्र ने शीर्ष अदालत के पांच मई के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है। पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने मराठाओं को आरक्षण देने वाले महाराष्ट्र के कानून को पांच मई को बहुमत से दरकिनार कर दिया था और आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा तय करने संबंधी 1992 के मंडल निर्णय को वृहद पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया था। पीठ ने 3:2 के बहुमत वाले निर्णय में कहा था कि संविधान का 102वां संशोधन केंद्र को सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) की घोषणा करने की विशेष शक्ति प्रदान करता है क्योंकि केवल राष्ट्रपति ही सूची को अधिसूचित कर सकते हैं।

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