By अभिनय आकाश | Sep 02, 2022
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की लगातार हो रही हत्या की एसआईटी जांच के लिए दायर जनहित याचिका पर आज सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने 1989-90 के बाद से कश्मीरी हिंदू नरसंहार की एसआईटी जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से एक बार फिर इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से केंद्र सरकार के समक्ष एक अभ्यावेदन पेश करने को कहा है। याचिका में 1990 से 2003 के बीच कश्मीरी पंडितों और सिखों की हत्या और उन पर हुए अत्याचारों की जांच के लिए एसआईटी के गठन करने की मांग की गई थी। इसके साथ ही कश्मीर घाटी में मारे गए कश्मीरी पंडितों की हत्या की जांच की भी मांग की गई।
याचिकाकर्ता ने कड़ी मेहनत की है और कश्मीर के प्रवासियों की कई पुस्तकों, लेखों और संस्मरणों पर शोध किया है, जिसमें वर्ष 1990 में कश्मीरी सिखों और हिंदुओं के भयानक नरसंहार और पलायन के पहले हाथ की बात करना और जानना शामिल है। याचिकाकर्ता ने जिन प्रमुख पुस्तकों की पड़ताल की उनमें जगमोहन द्वारा लिखित माई फ्रोजन टर्बुलेंस इन कश्मीर और राहुल पंडिता द्वारा अवर मून हैज ब्लड क्लॉट्स शामिल हैं।