By अभिनय आकाश | Aug 23, 2022
चुनाव में मतदातों को रिझाने के लिए राजनीतिक दलों की ओर से की जाने वाली लुभावनी घोषणाओं को रेवड़ी कल्चर का नाम दिया गया है। जुलाई में देश के प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस पर बयान दिया था। जिसके बाद देश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बने रेवड़ी कल्चर पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई सीजेआई एनवी रमना की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने किया। सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए कहा कि मुफ्त उपहार एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इस पर बहस की जरूरत है। सीजेआई एनवी रमना का ने कहा कि मान लीजिए कि केंद्र एक कानून बनाता है कि राज्य मुफ्त नहीं दे सकते हैं, तो क्या हम कह सकते हैं कि ऐसा कानून न्यायिक जांच के लिए खुला नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले कहा था कि हम यह फैसला करेंगे कि मुफ्त की सौगात क्या है। अदालत ने कहा कि क्या सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल, पीने के पानी तक पहुंच, शिक्षा तक पहुंच को मुफ्त सौगात माना जा सकता है। हमें यह परिभाषित करने की आवश्यकता है कि एक मुफ्त सौगात क्या है। रेवड़ी कल्चर पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही आज की सुनवाई पूरी हो गई है। अब कल फिर इस मुद्दे पर सुनवाई होगी।