न्यायालय ने बिहार में पुल ढहने की घटनाओं से संबंधित याचिका पटना उच्च न्यायालय स्थानांतरित की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 02, 2025

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को उस जनहित याचिका को पटना उच्च न्यायालय स्थानांतरित कर दिया जिसमें बिहार में हाल के महीनों में कई पुलों के ढह जाने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी गयी थी।

पीठ ने जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता एवं वकील ब्रजेश सिंह, राज्य प्राधिकारियों और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को 14 मई को उच्च न्यायालय में उपस्थित होने को कहा, जब मामले की अगली सुनवाई की तारीख वहीं तय की जाएगी।

इस मामले की संक्षिप्त सुनवाई में राज्य सरकार ने कहा कि उसने राज्य में लगभग 10,000 पुलों का निरीक्षण किया है। उच्चतम न्यायालय की पीठ ने कहा, ‘‘ हमने जवाबी हलफनामे का अध्ययन कर लिया है। हम मामले को पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर रहे हैं। जवाबी हलफनामे में उन्होंने (राज्य के अधिकारियों ने) विस्तार से बताया है कि वे क्या कर रहे हैं। ’’

पिछले साल 18 नवंबर को शीर्ष अदालत ने बिहार सरकार और अन्य को इस मुद्दे पर जनहित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया था। इससे पहले, याचिकाकर्ता ब्रजेश सिंह ने बिहार में पुलों की जर्जर स्थिति को उजागर करने के लिए विभिन्न खबरों और अतिरिक्त दस्तावेजों को रिकार्ड में लाने की अनुमति मांगते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

उच्चतम न्यायालय ने 29 जुलाई, 2024 को याचिका पर बिहार सरकार और एनएचएआई सहित अन्य पक्षों से जवाब मांगा था। जनहित याचिका में संरचनात्मक अंकेक्षण के लिए निर्देश देने तथा एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है, जो उनपुलों की पहचान करेगा जिन्हें या तो मजबूत किया जा सकता है या ध्वस्त किया जा सकता है।

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