By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 20, 2026
अक्सर आपने भी नोटिस किया होगा कि कई तरह के स्किनकेयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने के बाद भी स्किन की ऊपरी परत पर कुछ जमा हुआ सा महसूस होता है। कई बार अच्छे स्किनकेयर करने के बाद भी स्किन बेजान नजर आती है, ऐसा डैड स्किन सेल्स की वजह से हो सकता है।
एक्सफोलिएशन से क्या होता है?
- स्किन की बाहरी परत से डेड स्किन सेल्स को हटाना
- यह पोर्स को बंद नहीं होने देता
- इससे स्किन की टेक्सचर पहले से बेहतर होती है और चेहरे पर चमक आती है
- आपके स्किनकेयर के प्रोडक्ट ज्यादा अच्छी तरह स्किन के अंदर जा पाते हैं।
इसे करने का सही तरीका क्या है?
- सबसे पहले चेहरे को अच्छे से साफ कर लें।
- अब फेस स्क्रब की थोड़ी-सी मात्रा लें।
- चेहरे पर कुछ ही सेकंड्स के लिए सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से मसाज करें।
- माथे और चिन वाले एरिया पर मसाज करें।
- इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा को धोकर मॉइश्चराइजर लगा लें।
कितनी बार एक्सफोलिएशन करना सही है
अब आप हफ्ते में दो से तीन बार एक्सफोलिएशन कर सकते हैं। वहीं, ड्राई या सेंसिटिव स्किन वाले हफ्ते में एक ही बार एक्सफोलिएट करें। वहीं, अधिक एक्सफोलिएशन से स्किन के बैरियर डैमेज हो सकते हैं और सेंसिटिविटी बढ़ सकती है।
इन गलतियों को करने से बचें
फेस स्क्रब की जगह बॉडी स्क्रब
वैसे यह दोनों का काम बिल्कुल अलग है। बॉडी स्क्रब के पार्टिक्लस अधिक मोटे होते हैं और चेहरे की पतली स्किन को डैमेज कर देते हैं। इसलिए चेहरे पर फेस स्क्रब ही इस्तेमाल करें।
एक्सफोलिएशन के बाद मॉइश्चराइज न करना
जब आप चेहरे को एक्सफोलिएट करते हैं, तो आपकी स्किन यूवी किरणों के प्रति और भी ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है। इसलिए मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन जरुर लगाएं।
दो तरह के होते हैं
सेंसिटिव स्किन के लिए केमिकल एक्सफोलिएशन- यह इस स्किन टाइप वालों के लिए केमिकल एक्सफोलिएशन अधिक सेफ होते हैं। इस तरह के प्रोडक्ट में डैड स्किन को हटाने के लिए सौम्य तरह के एसिड या नैचुरल एंजाइम्स का इस्तेमाल हो जाता है।
नॉर्मल और ऑयली स्किन वालों के लिए मैकेनिकल एक्सफोलिएशन -दरअसल, इस तरह के प्रोडक्ट्स में मोटे पार्टिकल्स और कई टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसको नॉर्मल से लेकर ऑयली स्किन वालों के लिए अधिक सेफ माना जाता है।