पारम्परिक कृषि व बीज संरक्षण में करें योगदान : आर्लेकर

By विजयेन्दर शर्मा | Feb 07, 2022

धर्मशाला  राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने पारम्परिक कृषि के साथ-साथ स्थानीय बीजों के विकास और संरक्षण की दिशा में भी कार्य करने पर बल दिया है। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में आज विभावध्यक्षों और विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पहले उद्योगों की आवश्यकतओं को ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम तैयार किये जाते थे और इसी अनुसार शिक्षा पद्धति आगे बढ़ रही थी। लेकिन, आज समाज की क्या जरूरत है, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है और शिक्षा को भी इसी दिशा में आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा  परिवर्तन आया है। इसी अनुरूप हमें भी अनुसंधान और पाठ्यक्रम भी बदलना जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: राज्यपाल ने नगरोटा बगवां में मधुमक्खी अनुसंधान केन्द्र का दौरा किया

राज्यपाल ने कहा कि पारम्परिक बीजों का संरक्षण किया जाना चाहिये और पंचायत स्तर पर जैवविविधता रजिस्टर बनने चाहिये।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एच. के. चौधरी ने राज्यपाल का स्वागत किया और विश्वविद्याल की गतिविधियों व उपलब्धियों से अवगत करवाया। डॉ जी. सी. नेगी कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंस के डीन डॉ मनदीप शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इससे पूर्व, राज्यपाल ने वेटरनरी कॉलेज का दौरा किया और पशुओं के लिए उपलब्ध करवाई जा

प्रमुख खबरें

Income Tax, LPG, Banking में बड़े बदलाव, आज से आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

तुम सुंदर हो, तुम्हारी...Akola Police के ASI ने महिला से की बेटी की मांग, अब हुआ Suspend

Iran के लिए चंदा एकत्रित करते करते Kashmiri Women ने Indian Army का किया अपमान, जवानों को शराबी बताया

West Asia Crisis के बीच 6 लाख भारतीयों की वतन वापसी, सरकार ने दी अहम जानकारी