By अंकित सिंह | Sep 16, 2022
उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर समरकंद में आज शंघाई सहयोग संगठन की बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ, उज़्बेक राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव और अन्य नेता शामिल हो रहे हैं। यह ऐसा पहला मौका है जब एलएसी तनाव के बाद भारत और चीन के प्रमुख नेता आमने-सामने हुए हैं। गढ़वाल घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच झड़प के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग मुलाकात कर रहे हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी या नहीं, इस पर अब तक विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीमा सुरक्षा का मुद्दा उठा सकते हैं।
हालांकि, पहले यह माना जा रहा था कि शी जिनपिंग इस बैठक में भौतिक रूप से शामिल नहीं होंगे। लेकिन अचानक ही उनके इस बैठक में शामिल होने की घोषणा हो गई। खबर तो यह भी है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ आयोजित डिनर में भी शामिल नहीं हुए। मोदी आठ सदस्यीय एससीओ के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार रात समरकंद पहुंचे थे। एससीओ की शुरुआत जून 2001 में शंघाई में हुई थी और इसके आठ पूर्ण सदस्य हैं, जिनमें छह संस्थापक सदस्य चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान इसमें वर्ष 2017 में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए।