By रेनू तिवारी | Aug 31, 2026
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को वैश्विक मंच पर भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे। इस सम्मेलन के दौरान PM मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी उनकी संभावित मुलाकात को लेकर अटकलें तेज़ हैं। उज्बेकिस्तान की अपनी सफल दो दिवसीय यात्रा के बाद रविवार को बिश्केक पहुँचे प्रधानमंत्री मोदी का हवाई अड्डे पर किर्गिज़ गणराज्य के कैबिनेट ऑफ़ मिनिस्टर्स के चेयरमैन कासिमालिएव आदिलबेक अलेशोविच ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके अलावा, अगर प्रधानमंत्री शी जिनपिंग से मिलते हैं, तो इससे भारत और चीन के संबंधों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है और 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) पर सीमा विवादों को सुलझाने का रास्ता साफ हो सकता है। बातचीत में ईरान और यूक्रेन में चल रहे संघर्षों पर भी चर्चा हो सकती है।
स यात्रा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की चीन यात्रा के ठीक एक दिन बाद हो रहा है, जिसमें उन्होंने क्रमशः मॉस्को और बीजिंग के साथ नई दिल्ली के संबंधों को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की थी।
PM मोदी की किर्गिस्तान यात्रा
PM मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे थे। उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक ले जाने और 2030 तक सालाना 5 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार का लक्ष्य तय करने का फैसला किया था।
किर्गिस्तान पहुंचने पर कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन कासिमालिएव आदिलबेक अलेशोविच ने PM मोदी का स्वागत किया। उन्होंने हवाई अड्डे पर पारंपरिक किर्गिज़ नृत्य प्रदर्शन भी देखा। बाद में, होटल पहुंचने पर 'वंदे मातरम' के नारों के साथ उनका स्वागत किया गया। PM मोदी ने X पर कहा "कुछ देर पहले ही बिश्केक पहुँचा हूँ। गर्मजोशी से स्वागत के लिए किर्गिज़ गणराज्य के कैबिनेट ऑफ़ मिनिस्टर्स के चेयरमैन, मिस्टर अडिलबेक कासिमालीव का आभारी हूँ। मैं अलग-अलग नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें करूँगा और कल व परसों SCO समिट में शामिल होऊँगा। उन्होंने एक और पोस्ट में कहा भारत से बिश्केक तक, आज शाम भारतीय समुदाय ने बहुत खास स्वागत किया।
10 सदस्यों वाला SCO संगठन अपने 25 साल पूरे कर रहा है। इसकी स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। बाद में 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके पूर्ण सदस्य बने, फिर 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए।
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