आंखों पर पट्टी बांध कैनवास पर भगवान गणेश का चित्र बना देते है मूर्तिकार विजय

By आरती पांडेय | Sep 10, 2021

वाराणसी। गणपति बप्पा मोरया आज से यह जयघोष 10 दिनों तक पूरे भारत में गूंजेगा। माघ कृष्ण चतुर्दशी में विघ्नहर्ता भगवान गणपति का अवतरण हुआ था इसी कारण से चतुर्थी को भगवान गणेश की जय कार मुंबई से लेकर पूरे देश भर में होती है और पूरे विधि विधान से पूजन अर्चन का विधान भी प्रसिद्ध है। मंदिरों और अध्यात्म की नगरी वाराणसी यानि काशी में बहुत ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है यह गणेश उत्सव पूरे देश में 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। सभी स्थानों घरों मंदिरों में भगवान गणपति की प्रतिमा विराजमान होती है। भक्ति और आस्था हर इंसान के अंदर किसी ना किसी भाव में निहित होती है ऐसे में कला भी साधना का प्रमुख तत्वों में से एक है। 

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विजय से बातचीत में  उन्होंने बताया कि उन्होंने बहुत सारे मंदिरों में जाकर पेंटिंग भी बनाई है और बनारस में विराजित 56 विनायक में भी पेंटिंग बना रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि उनके यहां पेंटिंग बनाने एवं मूर्ति बनाने का कार्य कई पीढ़ियों से चलता आ रहा है। विजय ने बताया कि वह 10 सालों से आंखें बंद करके बप्पा का चित्र बनाते हैं वह कहते हैं बप्पा उनकी आंखों व हृदय में बसे हैं और जब तक गणपति की कृपा उन पर बनी रहेगी तब तक वह चित्र बनाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि जैसे लोग मंत्रों का उच्चारण करते हैं वैसे ही मैं 108 पेंटिंग आंखें बंद करके बनाकर गणपति का स्मरण करता हूं। इसके लिए उन्हें बहुत सारे सम्मानित अवॉर्ड भी मिले हैं। इसके साथ ही उन्हें काशी रत्न से भी नवाजा गया है और 56 घंटे तक बिना रुके पेंटिंग बनाने के लिए विजय का नाम लिम्का बुक में भी दर्ज हुआ है। अंत में उन्होंने बातचीत में कहा मैं हमेशा गणपति की आराधना करता रहूंगा जब तक मेरी सांसे चलेगी। 

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