जम्मू-कश्मीर के सांबा में प्रतिष्ठानों के ऊपर फिर दिखा पाकिस्तानी ड्रोन, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, बड़ा सर्च ऑपरेशन

By रेनू तिवारी | Sep 06, 2025

जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों ने चप्पे चप्पे पर अपनी निगरानी बनाई हुई है। किसी भी तरह से आतंकियों के किसी भी मंसूबों को नाकाम करने के लिए सेना तैयार है। ताजा खबर जम्मू-कश्मीर के सांबा में एक अज्ञाक ड्रोन उड़ने की मिली है। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में अहम प्रतिष्ठानों के ऊपर एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे जाने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इसे भी पढ़ें: चाकू सीने में धंसा था, खून से लथपथ स्कूल छात्र पहुंच गया थाने... राजधानी में नाबालिगों की सनसनीखेज वारदात

 

इससे पहले एक दूसरी घटना में श्रीनगर की मशहूर हज़रतबल मस्जिद में नवीनीकरण पट्टिका पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाए जाने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इससे स्थानीय नेताओं और नमाज़ियों में नाराज़गी फैल गई और अज्ञात लोगों ने उस पट्टिका को तोड़फोड़ दिया। इसके जवाब में, जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दरख्शां अंद्राबी ने प्रतीक चिह्न हटाने वालों के खिलाफ जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना उस मस्जिद के हाल में जीर्णोद्धार के बाद हुई जिसमें पैगंबर मोहम्मद के पवित्र चिह्न रखे हैं।

इसे भी पढ़ें: Trump-Modi Friendship Is Over | ट्रंप बोले 'हमेशा दोस्त रहेंगे' पर काम पसंद नहीं! पीएम मोदी का जवाब- भावनाओं की कद्र, लेकिन...

मस्जिद के भीतर लगे पत्थर की उद्घाटन पट्टिका पर राष्ट्रीय प्रतीक अंकित था, जिसकी मुस्लिम समुदाय ने आलोचना की। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सहित राजनीतिक नेताओं और नमाजियों ने तर्क दिया कि इबादतगाह में मूर्ति प्रदर्शित करना एकेश्वरवाद के इस्लामी सिद्धांत का उल्लंघन है, जो मूर्ति पूजा को सख्ती से प्रतिबंधित करता है। जुमे (शुक्रवार) को दोपहर की सामूहिक नमाज के ठीक बाद अज्ञात लोगों ने पत्थर की पट्टिका तोड़ दी और राष्ट्रीय प्रतीक हटा दिया।

इस कृत्य से स्पष्ट रूप से नाराज अंद्राबी ने मस्जिद में एक प्रेस वार्ता आयोजित की और पट्टिका को तोड़ने वालों को आतंकवादी और गुंडे करार दिया। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों पर पीएसए (जन सुरक्षा कानून) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की। पीएसए एक कठोर कानून है, जो बिना सुनवाई के किसी आरोपी को दो साल तक हिरासत में रखने की अनुमति देता है। 


प्रमुख खबरें

Tamil Nadu में टूटा दशकों पुराना Protocol, CM Vijay की शपथ में बजावंदे मातरम, CPI हुई नाराज

Bengaluru में बोले PM Modi- धरती माता को केमिकल से बचाना भी एक Art of Living है

Punjab मंत्री Sanjiv Arora की ED गिरफ्तारी पर बोले Kejriwal, BJP की जगह जेल चुनी, सलाम

WFI का बड़ा बयान: Haryana के पहलवानों की रिकॉर्ड भागीदारी ने पक्षपात के आरोप झूठे साबित किए