By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 30, 2020
नयी दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) से संबंधित नियमों के क्रियान्वयन की तारीख एक अगस्त, 2020 तक बढ़ा दी है। यह मुख्तारनामा ग्राहकों द्वारा ट्रेडिंग सदस्यों या क्लियरिंग सदस्यों को देना होता है। नियामक ने फरवरी, 2020 में मार्जिन प्रतिबद्धताओं के बारे में विशेष दिशानिर्देश जारी किए थे। ग्राहकों द्वारा दी गई पावर ऑफ अटॉर्नी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सेबी ने मार्जिन प्रतिबद्धताओं को ग्राहकों की ओर से प्रतिभूतियों के रूप में देने की व्यवस्था की है।
इसे डिपॉजिटरी प्रणाली में गिरवी या पुन: गिरवी रखकर दिया जा सकता है। कोविड-19 की वजह से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर शेयर ब्रोकरों तथा ब्रोकर संघों का कहना था कि उन्हें इन प्रावधानों के क्रियान्वयन में परेशानी आ रही है। इसी के मद्देनजर नियामक ने इसके क्रियान्वयन की तिथि बढ़ाकर एक अगस्त, 2020 कर दी है।