SEBI ने शेयर ब्रोकरों के लिए नए नियम अधिसूचित किए

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 09, 2026

बाजार नियामक सेबी ने तीन दशक से अधिक पुराने शेयर ब्रोकरों से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव करते हुए नए नियम अधिसूचित किए हैं जिसके तहत अब शेयर ब्रोकर अन्य वित्तीय नियामकों के दायरे में आने वाली गतिविधियां भी कर सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना और कारोबारी सुगमता को बढ़ाना है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर सेबी (शेयर ब्रोकर) विनियम, 1992 की जगह सेबी (शेयर ब्रोकर) विनियम, 2026 को लागू कर दिया है। नए नियमों में नियामकीय को सरल बनाया गया है, पुराने एवं अप्रासंगिक प्रावधानों को हटाया गया है तथा परिभाषाओं को अधिक स्पष्ट बनाया गया है।

नए नियमों के तहत कोई भी शेयर ब्रोकर अन्य वित्तीय क्षेत्रों के नियामक या किसी निर्दिष्ट प्राधिकरण के नियामकीय ढांचे के अंतर्गत आने वाली गतिविधियां कर सकता है। ऐसी गतिविधियां संबंधित नियामक या प्राधिकरण के दायरे में आएंगी।

सेबी ने बताया कि नए विनियमों को 11 अध्यायों में बांटा गया है, जिनमें शेयर ब्रोकरों से जुड़े नियामकीय ढांचे के सभी प्रमुख पहलुओं को समग्र रूप से शामिल किया गया है।

इसके तहत अब गैर-जरूरी अनुसूचियों को हटा दिया गया है और आवश्यक प्रावधानों को सीधे अध्यायों में शामिल किया गया है, ताकि नियमों को पढ़ना और समझना आसान हो। इसके अलावा, अंडरराइटिंग, आचार संहिता और स्टॉकब्रोकर्स को अनुमति प्राप्त अन्य गतिविधियों से जुड़े दोहराव वाले प्रावधानों को हटाकर संरचना को सुव्यवस्थित किया गया है।

नए नियमों में अनुपालन को आसान बनाने के लिए संयुक्त निरीक्षण की अनुमति दी गई है और बही खातों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने का प्रावधान किया गया है। सेबी ने कहा कि वह मान्यताप्राप्त शेयर बाजारों, क्लियरिंग कॉरपोरेशन या डिपॉजिटरी के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण कर सकता है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

National Kabaddi: क्वार्टरफाइनल की तस्वीर साफ, Vadodara में अब खिताब के लिए मचेगा असली घमासान

Lionel Messi का छलका दर्द, बोले- English न आने से आधा अनजान महसूस करता था

Real Madrid का Champions League में दमदार पलटवार, पिछड़ने के बाद Benfica को 2-1 से रौंदा

Chabahar Port के Budget पर भारत की चुप्पी से Iran नाराज, कहा - यह है India का Golden Gate