By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 29, 2024
नयी दिल्ली। बाजार नियामक सेबी के बीएसई को प्रीमियम मूल्य के बजाय उसके विकल्प अनुबंधों के ‘‘अनुमानित मूल्य’’ के आधार पर शुल्क का भुगतान करने का निर्देश देने के बाद एक्सचेंज के अब अधिक नियामक शुल्क चुकाने का अनुमान है। भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) के इस कदम के बाद बीएसई के शेयर सोमवार को एनएसई पर 18.64 प्रतिशत तक गिरकर 2,612.0 रुपये के निचले स्तर पर आ गए।
सूचना में कहा गया, साथ ही एक्सचेंज को शेष अवैतनिक राशि पर 15 प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज के साथ पिछली अवधि के लिए विभेदक नियामक शुल्क का भुगतान करने को कहा गया है। पत्र प्राप्त होने के एक महीने के भीतर राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। सेबी के पत्र में उल्लेख किया गया कि डेरिवेटिव अनुबंधों की शुरुआत के बाद से बीएसई अनुमानित मूल्य के बजाय विकल्प अनुबंधों के लिए प्रीमियम मूल्य पर विचार करते हुए नियामक को वार्षिक कारोबार पर नियामक शुल्क का भुगतान कर रहा है। बीएसई ने रविवार को कहा कि वह वर्तमान में सेबी के पत्र में किए गए दावे की वैधता का मूल्यांकन कर रहा है।