SEBI का फिनफ्लुएंसर पर शिकंजा: अवधूत साठे के 546 करोड़ जब्त, बाजार में बड़ा संदेश

By Ankit Jaiswal | Dec 05, 2025

सेबी ने फिनफ्लुएंसर जगत में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अवधूत साठे और उनकी संस्था अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी को बाजार गतिविधियों से पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया हैं। गौरतलब है कि मौजूद जानकारी के अनुसार अकादमी के माध्यम से हजारों प्रतिभागियों को लाइव ट्रेडिंग कॉल, एंट्री-एग्ज़िट पॉइंट और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स तक के निर्देश दिए जाते थे, जिन्हें शिक्षा के बजाय अप्रत्यक्ष निवेश सलाह माना गया है। बता दें कि सेबी की जांच शिकायतों के बाद शुरू हुई थी, जिसमें कहा गया था कि पाठ्यक्रमों के नाम पर वास्तविक ट्रेडिंग कॉल दिए जा रहे थे और निजी व्हाट्सएप समूहों में तुरंत खरीद-बिक्री निर्देश प्रसारित किए जा रहे थे।


जांच के दौरान कई वीडियो, संदेशों, भुगतान डेटा और प्रतिभागियों के बयान खंगाले गए जिनमें यह साबित हुआ कि केवल प्रशिक्षण नहीं बल्कि सीधे ट्रेडिंग निर्णयों का मार्गदर्शन दिया जा रहा था। सेबी ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि अकादमी द्वारा ‘उच्च सफलता दर’ वाले तरीकों के विज्ञापन और केवल मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाए जाने से निवेशकों में गारंटीड रिटर्न जैसी गलत धारणा बनाई गई, जो निवेशक संरक्षण नियमों के विरुद्ध है। मौजूद तथ्य बताते हैं कि 6.75 लाख रुपये तक की फीस वसूल की जाती थी और बदले में लाइव कॉल व वास्तविक ट्रेडिंग सलाह उपलब्ध कराई जाती थी।


सेबी ने साठे, अकादमी और निदेशक गौरी साठे को तत्काल प्रभाव से बाजार से बाहर कर दिया है और 546 करोड़ रुपये को सुरक्षित रखने के लिए बैंक खातों को फ्रीज करने के निर्देश दे दिए हैं। आदेश के अनुसार संबंधित पक्ष किसी भी रूप में निवेश सलाह, शोध, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट या रीयल-टाइम ट्रेडिंग कॉल से जुड़ी गतिविधि संचालित नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही सभी वित्तीय रिकॉर्ड, ग्राहक सूची, बैंक स्टेटमेंट और जीएसटी दस्तावेज सेबी को सौंपना अनिवार्य किया गया है।


यह कार्रवाई न केवल साठे के प्रभाव क्षेत्र को देखते हुए बल्कि तेजी से बढ़ते ऐसे ऑनलाइन फिनफ्लुएंसर वर्ग के खिलाफ चेतावनी भी है, जो लाइसेंस के बिना बाजार सलाह देते हुए निवेशकों को जोखिम में धकेल रहे हैं। सेबी ने स्पष्ट कहा है कि शिक्षा के नाम पर विशिष्ट स्टॉक निर्देश देने, लाइव ट्रेडिंग करवाने या निजी समूहों में कॉल जारी करने जैसी गतिविधियों को अवैध सलाह की श्रेणी में रखा जाएगा क्योंकि यह व्यवहार सीधे बाजार सुरक्षा नियमों पर प्रहार करता है। इसी कारण यह मामला फिनफ्लुएंसर क्षेत्र के लिए कड़े मानक तय करता है और आगे भी ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाने की संभावना को मजबूत करता है, जिसे सेबी निवेशकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मानता है।

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