By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 16, 2026
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बृहस्पतिवार को एक आपात बैठक में ईरान में हुए घातक प्रदर्शनों पर चर्चा की। यह बैठक अमेरिका के अनुरोध पर बुलाई गई थी। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह ईरान के खिलाफ वह क्या कदम उठाएंगे।
बैठक से पहले तेहरान ने हालात को शांत करने के इरादे से कुछ सुलह भरे बयान दिए। ईरान ने यह कदम तब उठाया जब ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों की हत्याओं को रोकने के लिए कार्रवाई करने की धमकी दी थी।
‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बैठक से पहले कहा, ‘‘राष्ट्रपति के लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं।’’
अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के मुताबिक, ईरान में प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,615 लोगों की मौत हो चुकी है। लोगों की मौत का यह आंकड़ा बीते कई दशकों में ईरान में हुए किसी भी अन्य विरोध प्रदर्शन या अशांति से कहीं अधिक है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बृहस्पतिवार को हुई आपात बैठक में संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि ईरान पर सैन्य हमले और अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र सहायक महासचिव मार्था पोबी ने बैठक में कहा, ‘‘महासचिव एंतोनियो गुतारेस इस संवेदनशील समय में अधिक से अधिक संयम बरतने का आग्रह करते हैं और सभी पक्षों से ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील करते हैं, जिससे और अधिक जानमाल का नुकसान हो या पूरे क्षेत्र में हालात और बिगड़ें।’’
उन्होंने कहा कि महासचिव एंतोनियो गुतारेस अब भी इस बात पर कायम हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत उससे जुड़े सभी मुद्दों का समाधान कूटनीति और संवाद के जरिए ही किया जाना चाहिए।
मार्था पोबी के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर’ के उन सिद्धांतों को दोहराया, जिनके तहत विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किए जाने की बात की गई है और बल प्रयोग या उसकी धमकी पर रोक लगाई गई है।