By एकता | Sep 04, 2026
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। अशदार गली इलाके में खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चुनौती दी, जिसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई।
गुरुवार को बडगाम जिले के दूरदराज और घने जंगलों वाले इलाके में सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में संदिग्ध आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। आतंकियों को भागने से रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी। इसके साथ ही अतिरिक्त जवानों को भी मौके पर भेजा गया। सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान अभी जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि आतंकियों का एक संदिग्ध समूह पुलवामा जिले के पाखरपोरा इलाके से निकलकर बडगाम के युसमर्ग इलाके के जंगलों की ओर बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने संभावित रास्तों पर नाकेबंदी की और जंगलों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान अशदार गली इलाके में संदिग्ध गतिविधि नजर आई और मुठभेड़ शुरू हो गई।
इसी बीच जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में भी सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिलने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया गया। बरामद सामान में एक पिस्तौल, एक ग्रेनेड और 184 गोलियां शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, बरामद गोला-बारूद में एके-47 की 140 गोलियां, पीका मशीन गन की 19 गोलियां और पिस्तौल की 25 गोलियां शामिल हैं। इसके अलावा एक एके मैग्जीन और छह कैसेट भी बरामद किए गए हैं।
बडगाम में मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया है। वहीं रियासी में हथियारों की बरामदगी के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां इलाके में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं। दोनों घटनाओं को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सुरक्षाबल जंगलों और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।