आम नागरिकों की सुरक्षा राष्ट्र सरकारों की सबसे अहम जिम्मेदारी : भारत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 29, 2019

संयुक्त राष्ट्र। भारत ने कहा है कि संघर्षों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राष्ट्रीय सरकारों की सबसे पहली जिम्मेदारी है न कि शांतिरक्षकों की। भारत ने चिंता जताई है कि सुरक्षा की राष्ट्रीय एवं सामाजिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए बहुत कम काम किया गया है।  संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उप प्रतिनिधि के.नागराज नायडू ने कहा कि गलत तरीके से यह मान लेना आम प्रवृत्ति है कि आम लोगों की सुरक्षा संघर्ष में शामिल पक्षों, शांतिरक्षकों और मानवीय सहायता देने वाले संगठनों की जिम्मेदारी है। हालांकि यह जिम्मेदारी सबसे पहले राष्ट्रीय सरकारों की है। 

इसे भी पढ़ें: संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा, अफगानिस्तान में दो हवाई हमले में 14 लोग मारे गए

उन्होंने ‘सशस्त्र संघर्षों में आम नागरिकों की सुरक्षा’ विषय पर सुरक्षा परिषद में खुली चर्चा में ये बातें कहीं। विश्व निकाय में भारत के स्थायी उप प्रतिनिधि ने कहा कि संरक्षण की राष्ट्रीय एवं सामाजिक क्षमताओं को मजबूत बनाने के लिहाज से बहुत कम काम किया गया है। नायडू ने कहा, “बाहरी एजेंसियां राष्ट्रीय सरकारों की जिम्मेदारी की पूरक हो सकती हैं लेकिन उनकी जगह नहीं ले सकती।”

इसे भी पढ़ें: संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते विवाद पर जतायी चिंता

साथ ही उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षण अभियानों के संदर्भ में आम लोगों की सुरक्षा एक जटिल मुद्दा है। इसके मुख्य कारण सशस्त्र संघर्षों की अलग-अलग प्रकृति, संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षण के लंबे समय से माने जा रहे सिद्धांतों के संभावित विरोधाभास, जनादेशों की सीमाओं और शांतिरक्षण मिशनों के लिए संसाधनों की अपर्याप्त उपलब्धता हैं।

प्रमुख खबरें

ट्रंप आपको फायर किया जाता है...IRGC प्रवक्ता ने की US प्रेसिडेंट की मिमिक्री

Three-Language Formula पर जयंत चौधरी ने दूर किया भ्रम, कहा- NEP में राज्यों को पूरी छूट

Raghav Chadha ने उठाया Mobile Data का मुद्दा, बोले- बचा हुआ डेटा खत्म करना Consumer Rights का हनन है

Tamil Nadu Election सर्वे: स्टालिन की सुनामी में उड़ेगा विपक्ष? DMK को 180 सीटें मिलने का अनुमान