Shri Rukmini Ashtakam: मां लक्ष्मी की चाहिए Divine Blessing, जानें Shri Rukmini Ashtakam की महिमा और पाठ विधि

By अनन्या मिश्रा | Jan 07, 2026

श्री रुक्मिणी अष्टकम स्त्रोत मां रुक्मिणी को समर्पित है। जो भी जाकर नियमित रूप से श्री रुक्मिणी अष्टकम स्त्रोत का पाठ करता है, उसके विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती है। साथ ही जातक के दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।

 

मां रुक्मिणी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में इस स्त्रोत का पाठ करने से जातक पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि व धन-दौलत में वृद्धि करती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको श्री रुक्मिणी अष्टकम स्त्रोत के बारे में बताने जा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: Shanivar Mantra: शनिदेव को करना है प्रसन्न, हनुमान जी के इन Powerful मंत्रों से मिलेगा दोगुना आशीर्वाद


श्री रुक्मिणी अष्टकम

नमस्ते भीष्मकसुते वासुदेवविलासिनि ,

प्रद्युम्नाम्ब नमस्तुभ्यं प्रसीद परमेश्वरि।


नमः कमलमालिन्यै कमले कमलालये,

जगन्मातर्नमस्तुभ्यं कृष्णप्राणाधिकप्रिये।


जानकी त्वं च लक्ष्मीस्त्वं विष्णुवक्षःस्थलस्थिता,

वैकुण्ठपुरसाम्राज्ञी त्वं भक्ताभीष्टदायिनी।


स्वर्णवर्णे रमे रम्ये सौन्दर्याकररूपिणि,

मारमातर्महालक्ष्मि कृष्णकन्दर्पवर्धिनि।


वर्धिनी सुभगानां च वर्षिणी सर्वसम्पदाम् ,

नारायणाङ्घ्रियुग्मे त्वं नित्यदास्यप्रदायिनी।


गोविन्दपट्टमहिषि द्वारकापुरनायिके,

शरण्ये वत्सले सौम्ये भीमातीरनिवासिनि।


त्वदन्या का गतिर्मातरगतीनां जगत्त्रये,

कृष्णकारुण्यरूपा त्वं तत्क्षान्तिपरिवर्धिनी।


कृष्णे त्वयि च हे मातर्दृढा भक्तिः सदाऽस्तु नः,

जयोऽस्तु जय वैदर्भि रुक्मिण्यम्ब जयोऽस्तु ते।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Microsoft का India में Mega Plan, 2 करोड़ लोगों को मिलेगी मुफ़्त AI Training

Abhishek Sharma फ्लॉप, टॉप ऑर्डर फेल! T20 World Cup में South Africa से हार के बाद बढ़ी Team India की मुश्किलें

Super 8 में Team India की हार पर मंथन, खराब Strategy से लेकर Playing XI पर उठे गंभीर सवाल

David Miller के तूफान में उड़ी Team India, South Africa से हार के बाद Semifinal की राह बेहद मुश्किल