By संतोष उत्सुक | Sep 21, 2026
प्रतिभा गांव के सरकारी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती थी। पापा प्राइवेट नौकरी करते थे, उनकी आय ज़्यादा नहीं थी। वे कोशिश कर रहे थे कि उन्हें शहर में कहीं अच्छी नौकरी मिल जाए ताकि वे अपना परिवार भी वहीं रखें और प्रतिभा और उसके बड़े भाई आभास की पढ़ाई अच्छे स्कूल में हो सके। बेहतर नौकरी के लिए वे प्राइवेट स्तर पर उच्च शिक्षा भी ग्रहण कर रहे थे। गांव के स्कूल में पढ़ाई लिखाई के साथ, खेल कूद व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी सामान्य स्तर के होते थे।
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उसकी मम्मी ने बताया था कि हमारे देश में कई तरह के नृत्य हैं। उसे लोक नृत्य भी भाता था लेकिन उनके संपर्क में कोई सिखाने वाला नहीं था। मम्मी ने उसे समझाया था कि जब भी कहीं कोई प्रस्तुति अच्छी मानी जाएगी वह फूहड़ फिल्मी नृत्य की न होकर भारतीय संस्कृति आधारित नृत्य की ही मानी जाएगी। फिल्मी गीतों पर की गई उछल कूद को नृत्य नहीं कहते। पुरानी फिल्मों के कुछ नृत्य गीत अवश्य बढ़िया हैं। उनसे भी हम सीख भी सकते हैं।
प्रतिभा को लगने लगा था कि वह गाँव में रहते हुए कुछ अच्छा नहीं सीख सकती। उसके मामा की लड़की शहर में रहती थी जो उसे शहर के स्कूल में हो रहे कार्यक्रमों के बारे बताती रहती थी। एक शाम प्रतिभा ने टीवी पर अपनी उम्र की बच्ची को कथक करते देखा तो उसको बुरा लगा और रोना आ गया। वह खूब रोई और रोते रोते सो गई। उसे पता था कि उसके पापा डांस सिखाने उसे शहर नहीं भेज सकते। उसे एक सपना आया जिसमें उसने अपने अध्यापक से सुनी एकलव्य की कहानी को घटते देखा। वे गुरु की मूर्ति के सामने धनुर्विद्या सीख रहे हैं। अचानक उसकी आँख खुल गई, मुंह धोते धोते उसे लगा वह खुद भी तो प्रयास कर सकती है।
उसने अपनी मम्मी को सपना सुनाया और पूछा, ‘क्या मैं खुद कथक डांस सीख सकती हूँ’। मम्मी ने कहा बिलकुल सीख सकती हो। इसके लिए मैं तुम्हें ऐसे वीडियोज़ दिखा सकती हूँ जिसमें भारतीय नृत्य शैलियों पर आधारित डांस हों, कथक भी हो। कभी कभी टीवी में भी ऐसे कार्यक्रम आते हैं। उन्हें देखकर तुम्हें अभ्यास करना चाहिए। प्रतिभा ने मम्मी की प्रेरणा से अपनी सहायता आप करनी शुरू कर दी। अभ्यास और लगन से उसने नृत्य की स्टेपिंग अच्छे से सीख ली। एक दिन आया पड़ोस के शहर में आयोजित अनेक स्कूलों की प्रतियोगिता में उनके स्कूल को भी बुलाया गया । स्कूल की तरफ से प्रतिभा को जाने का मौका मिला। उसने एक पुराने फिल्मी नृत्यगीत जोकि शास्त्रीय संगीत पर आधारित था, पर मम्मी के कहे अनुसार खूब अभ्यास किया । प्रतियोगिता में काफी विद्यार्थी आए हुए थे। अधिकारीगण व अध्यापक भी थे। खूब बड़ा पंडाल लगा हुआ था। प्रतिभा ने बेहद सधे हुए स्टेप्स के साथ नृत्य किया तो सब वाह वाह कर उठे। उसका नृत्यगीत का चुनाव सबसे अलग था। उसे अपने आयुवर्ग में प्रथम पुरस्कार मिला। बाद में चाय पीते हुए सभी ने उससे पूछा, गाँव में रहते हुए भी किससे सीखा इतना अच्छा डांस। प्रतिभा ने खुश होकर कहा, मम्मी ने कहा अपने आप सीखो, सो देख देखकर, मम्मी की मदद से सीख लिया।
- संतोष उत्सुक