Share Market में Tata Motors पर बिकवाली का दबाव, Investors के अरबों रुपये डूबे

By Ankit Jaiswal | Jun 17, 2026

बुधवार को बाजार में टाटा मोटर्स के शेयरों पर भारी दबाव देखने को मिला। कंपनी की यात्री वाहन इकाई से जुड़े भविष्य के कारोबारी अनुमान सामने आने के बाद निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी, जिसके चलते शेयर दिन के कारोबार में करीब 10 प्रतिशत तक टूट गया।

मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहयोगी इकाई जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव ने निवेशकों के लिए अपनी आगामी कारोबारी रणनीति और वित्त वर्ष 2027 का अनुमान पेश किया। कंपनी ने बताया कि वर्ष 2027 में उसका परिचालन लाभ मार्जिन लगभग 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ इससे अधिक लाभ मार्जिन की उम्मीद कर रहे थे। इसी वजह से निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही और शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है।

गौरतलब है कि जगुआर लैंड रोवर दुनिया के प्रीमियम वाहन बाजार में एक महत्वपूर्ण नाम है और टाटा मोटर्स की आय में इसकी बड़ी भूमिका रहती है। ऐसे में कंपनी के भविष्य से जुड़ी किसी भी घोषणा का सीधा असर टाटा मोटर्स के शेयरों पर दिखाई देता है।

कंपनी के अनुसार, वर्ष 2027 में उसकी आय लगभग 26 अरब पाउंड रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2026 में यह लगभग 23 अरब पाउंड रहने की उम्मीद है। वहीं निवेश भी बढ़कर 3.7 अरब पाउंड तक पहुंच सकता है। कंपनी का कहना है कि नकदी प्रवाह की स्थिति में भी सुधार होगा और अगले वित्त वर्ष में संतुलन की स्थिति प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि जगुआर लैंड रोवर अब अपने प्रमुख ब्रांडों रेंज रोवर, डिफेंडर और डिस्कवरी के लिए ग्राहकों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना चाहता है। कंपनी हल्के संकर वाहन, संकर वाहन, प्लग-इन संकर वाहन और पूर्ण विद्युत वाहन जैसे कई विकल्प बाजार में पेश करने की योजना बना रही है।

वहीं जगुआर ब्रांड को पूरी तरह विद्युत वाहन ब्रांड में बदलने की रणनीति पर भी काम चल रहा है। कंपनी ने जानकारी दी है कि आने वाले वर्षों में जगुआर केवल बैटरी आधारित विद्युत वाहनों का निर्माण करेगी। इसी क्रम में नई लक्जरी चार-दरवाजे वाली जीटी श्रेणी की गाड़ी "टाइप 01" को इस वर्ष के अंत तक पेश किए जाने की योजना है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी अब ब्रिटेन, यूरोप और चीन के साथ-साथ अमेरिका पर विशेष ध्यान दे रही है। जगुआर लैंड रोवर का मानना है कि अमेरिका में लक्जरी वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है और यह उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण विकास क्षेत्र बन सकता है। इसके अलावा भारत और पश्चिम एशिया जैसे उभरते बाजारों में भी निवेश बढ़ाने की योजना है।

कंपनी ने अगले दो वर्षों में लागत घटाने के लिए व्यापक कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत कच्चे माल, वारंटी और स्थायी खर्चों में कटौती कर लगभग 1.7 अरब पाउंड की बचत का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीबी बालाजी ने कहा कि अगले दो वर्षों में पांच नए उत्पाद बाजार में उतारे जाएंगे। उनका मानना है कि ग्राहकों को अधिक विकल्प देने और प्रमुख बाजारों में विस्तार करने से कंपनी की विकास गति मजबूत होगी।

हालांकि बाजार विश्लेषकों का कहना है कि घोषित लाभ मार्जिन निवेशकों की उम्मीदों से कम रहा है। यही वजह रही कि कारोबारी सत्र के दौरान टाटा मोटर्स के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

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