By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 11, 2026
राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मल्लिकार्जुन खरगे की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा कि वह हमेशा विपक्ष के नेता के दबाव में रहते हैं। राधाकृष्णन यह बात एक बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक दोपहर बारह बजे पुन: शुरू होने पर कही। दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति ने प्रश्नकाल शुरू किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आपको (विपक्ष को) कई बार अनुमति दी है। आप जिस विषय को उठा रहे हैं, वह राज्य का विषय है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरफ (सत्ता पक्ष) के सदस्य भी कुछ राज्य के विषय उठाना चाहते हैं और मैंने उन्हें भी अनुमति नहीं दी है।
वे झारखंड का मुद्दा उठाना चाहते थे और मैंने कहा कि यह राज्य का विषय है। मैं किसी भी राज्य के विषय को उठाने की अनुमति नहीं दूंगा।’’ उन्होंने यह बात खरगे सहित प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से कही, जो अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखे हुए थे। झारखंड का मुद्दा सोमवार को रांची में राज्य सरकार की नौकरी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज से जुड़ा है।
इसके बाद सभापति ने विपक्ष के नेता से अपनी सीट पर बैठने को कहा और सूचीबद्ध कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘कृपया अपनी सीट पर बैठ जाइए खरगे जी... मैं केवल आपकी वजह से दबाव में हूं। सत्ता पक्ष के सदस्य मुझ पर कभी दबाव नहीं डालते।
आप हमेशा मुझ पर दबाव डालते हैं।’’ सभापति ने यह प्रतिक्रिया खरगे की उस टिप्पणी के जवाब में दी, जिसमें उन्होंने हंगामे के दौरान कहा था कि पीठासीन अधिकारी हमेशा सरकार के दबाव में रहते हैं। विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण बाद में सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।