By अभिनय आकाश | Apr 28, 2026
जांच एजेंसियों ने नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) BPO से जुड़े कथित यौन शोषण और धार्मिक दबाव के मामले में नए खुलासे किए हैं। ये खुलासे उन्होंने मुख्य आरोपियों में से एक निदा खान की अग्रिम ज़मानत याचिका का विरोध करते हुए किए, जो अब भी लापता है। विशेष सरकारी वकील अजय मिसर ने सोमवार को नासिक कोर्ट में एक 'इन-कैमरा' सुनवाई के दौरान बताया कि जांचकर्ताओं को इस मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं, और उन्होंने दलील दी कि आगे की जांच के लिए खान से हिरासत में पूछताछ करना ज़रूरी है।
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम के अनुसार, खान ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को उसके घर पर नमाज़ पढ़ने और हिजाब पहनने का प्रशिक्षण भी दिया। खान ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के मोबाइल फ़ोन पर इस्लामिक एप्लिकेशन भी इंस्टॉल किए और उसके साथ धार्मिक सामग्री साझा की। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से है, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान लागू किए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.जी. जोशी की बेंच ने सोमवार को निदा खान की अग्रिम ज़मानत याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया, और उन्हें गिरफ़्तारी से पहले कोई राहत नहीं दी। इस फ़ैसले की घोषणा इस हफ़्ते बाद में, 2 मई को की जा सकती है।