By अंकित सिंह | Nov 05, 2026
भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार छठे सत्र में तेजी जारी रही। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांकों में लगभग 2% की उछाल देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वॉल स्ट्रीट में आई जोरदार तेजी और विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से बाजार का सेंटिमेंट मजबूत हुआ। कच्चे तेल की कम कीमतों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी इस तेजी को और समर्थन दिया।
निवेशकों ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त का स्वागत किया है। माना जा रहा है कि इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर कांग्रेस का नियंत्रण मजबूत होगा और ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल के टकराव के और बढ़ने की संभावना कम हो सकती है। तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है, जिससे भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं को काफी राहत मिली है। गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में तेल की कीमतों में गिरावट आई। 0211 GMT तक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.03% गिरकर 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.29% गिरकर 86.98 डॉलर पर पहुंच गया।
पिछले सत्र में इन दोनों बेंचमार्क में 8% से अधिक की गिरावट आई थी, जिससे ये 31 अगस्त के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गए थे। इस भारी गिरावट ने ब्रेंट की कीमत को 100 डॉलर के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे ला दिया है। इससे भारत के बाहरी संतुलन, महंगाई और कॉरपोरेट मुनाफे के नजरिए में काफी सुधार हुआ है।