दलित नेता हत्या मामले में सात गिरफ्तार, तेजस्वी सहित अन्य RJD नेताओं के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 08, 2020

पूर्णिया/पटना। बिहार के पूर्णिया जिले में चार अक्टूबर को दलित नेता शक्ति मल्लिक की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने सात अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए बुधवार को खुलासा किया कि इस मामले में राजद नेताओं के खिलाफ के कोई साक्ष्य नहीं मिला है। पूर्णिया जिला के केहाट थाना क्षेत्र में इन दलित नेता की हत्या मामले में उनकी पत्नी खुशबू देवी के बयान पर पुलिस ने चार अक्टूबर को राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके बडे भाई तेजप्रताप यादव सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा ने बुधवार को बताया कि इस मामले में सात अपराधियों को पांच देसी कट्टा समेत अन्य सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के क्रम में राजद नेताओं के खिलाफ किसी भी तरह का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। विशाल ने बताया कि शक्ति मल्लिक ब्याज पर रुपया लगाने का काम करता था और समय पर रुपया नहीं लौटाने वाले का भयादोहन और उनके साथ दुर्व्यवहार भी करता था जिससे परेशान होकर कुछ लोगों ने एक गिरोह बनाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस बीच तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर इसको लेकर उनकी पार्टी जदयू के नेताओं की अपने खिलाफ की गयी टिप्पणियों को ओछी और आधारहीन बताया तथा इस मामले की सीबीआई से अविलंब जाँच कराने की अनुशंसा करने की मांग की है। 

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बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है, जैसा कि आपको विदित है कि कुछ दिन पहले पूर्णिया जिले के एक सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता की जघन्य हत्या की गयी। अत्यधिक व्यस्तता की वजह से मुझे थोड़ी देर से तमाम मामले की जानकारी प्राप्त हुई। फिर हमने यह भी देखा कि एक प्रेरित एफआईआर जिसमें मुझे और मेरे बड़े भाई को नामजद करने के बाद आपके मीडिया-प्रबंधन के कौशल की कहानियाँ सामने आने लगी। दिन-रात आपके प्रवक्ताओं/नेताओं की ओछी और आधारहीन टिप्पणियों के बावजूद मेरा मानना है कि कानून अपना काम करे, त्वरित अनुसंधान हो और जैसा आपके शासन की प्रवृति रही है, सत्ता शीर्ष पर बैठे आला लोग इसे प्रभावित करने की कोशिश करने के लिए भी स्वतंत्र है। उन्होंने पत्र में उनसे कहा, आपके अपने ही लोग कई बार आपके अधीन काम कर रही बिहार पुलिस की साख और काबिलियत पर प्रश्न-चिन्ह उठा चुके हैं। पीड़ित परिवार को यथाशीघ्र न्याय मिले और दूध का दूध और पानी का पानी हो, इस मंशा के साथ मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि इस मामले की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की किसी भी एजेंसी से अविलंब जाँच कराने की अनुशंसा की जाए। तेजस्वी ने नीतीश से कहा, गृहमंत्री के नाते अगर आप चाहे तो नामांकन पूर्व हमें गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए बुला सकते है। 

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