जघन्य अपराधों के सबसे ज्यादा शिकार बच्चे, बलात्कार के मामले तेजी से बढ़े

By निधि अविनाश | Sep 16, 2021

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन साल 2020 में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1.28 लाख मामले दर्ज किए गए है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने मंगलवार को प्रकाशित क्राइम इन इंडिया 2020 रिपोर्ट में जानकारी दी है। अग्रेंजी अखबार TOI में छपी एक अखबार के मुताबिक, पीड़ितों की संख्या 1.34 लाख के करीब थी। हालांकि घटनाओं की संख्या 2019 में 1.48 लाख से अधिक मामलों से 13.5% की गिरावट दर्शाती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, बड़ी संख्या में जघन्य अपराधों के सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हुए है। साल 2020 में ज्यादातर मामले अपहरण के शामिल है जिसकी संख्या 42.6% है।

अपहरण के बाद बच्चों के साथ बलात्कार के मामले 38.8% है। साल 2019 पॉक्सो के मामलों में कुल का 35.5% था। पॉक्सो अधिनियम के तहत कुल केस 28,065 मामले आए है। बता दें कि 2,556 मामलों में परिवार का सदस्य ही अपराधी पाया गया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, 640 केस छह साल से कम के बच्चों का है वहीं, 2,540 केस 6 से 12 के बीच के उम्र के बच्चों का है. बात करें 12 से 16 साल की उम्र के बच्चों के रेप के11,029 मामलें सामने आए है और 16 से 18 के बीच की उम्र के बालिग और नाबालिग के बच्चों के 14,118 से ज्यादा केस सामने आए है। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 में पिछले वर्ष बच्चों के खिलाफ अपराधों के कुल मामलों में 4.5% की वृद्धि हुई जिसमें 1,41,764 मामले दर्ज किए गए है। 2019 के दौरान बच्चों के मामले में प्रमुख अपराध प्रमुख अपहरण और अपहरण (46.6%) और पोक्सो मामले (35.3%) थे, जिनमें बाल बलात्कार भी शामिल थे।

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