By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 06, 2022
गाजियाबाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल की वकालत करते हुए रविवार को कहा कि निजी क्षेत्र की विभिन्न औद्योगिक एवं विनिर्माण इकाइयों को प्रभावी सुरक्षा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार का अर्धसैनिक बल सीआईएसएफ और निजी सुरक्षा एजेंसियां हाथ मिला सकती हैं। शाह ने कहा कि यह अहम है, क्योंकि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जैसी सरकारी सुरक्षा एजेंसियां देशभर में इस काम को अकेले अंजाम नहीं दे सकतीं और वे धीरे-धीरे इसे निजी सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर सकती हैं। गृहमंत्री यहां सीआईएसएफ के 53वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने सीआईएसएफ को 25 साल का खाका भी तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि भारत जब अपनी आजादी के 100वें वर्ष में प्रवेश करे, तब तक यह एक ‘परिणाम-उन्मुख’ सुरक्षा एजेंसी के रूप में उभर सके।
उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ हवाई अड्डों और बंदरगाहों के अलावा ड्रोन विरोधी अभियान और समुद्री एवं त्वरित परिवहन प्रणाली में एक ‘विशेष एवं एकीकृत’ सुरक्षा एजेंसी की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। लगभग 1.64 लाख सुरक्षाकर्मियों से लैस सीआईएसएफ मौजूदा समय में देश के 65 नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की हिफाजत की जिम्मेदारी भी उस पर है। सीआईएसएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है।