By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 23, 2022
लाहौर (पाकिस्तान)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शरीफ ने शनिवार को पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे एक दिन पहले नाटकीय घटनाक्रम के बीच वह महज तीन मतों के अंतर से इस पद पर पुन: निर्वाचित हुए। उपाध्यक्ष ने उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के 10 अहम मतों को खारिज कर दिया था। पंजाब के गवर्नर बलीगुर रहमान ने हमजा (47) को शपथ दिलायी। शपथ ग्रहण समारोह पंजाब में ‘गवर्नर हाउस’ में हुआ। पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद के लिए मतदान हुआ। हमजा को चुनाव में विजेता घोषित किया गया। हालांकि, उनकी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के पास 17 जुलाई को हुए अहम उपचुनावों के बाद विधानसभा में बहुमत नहीं है।
बहरहाल, पीटीआई-पीएमएलक्यू के विधायकों ने उपाध्यक्ष के फैसले का विरोध किया। यह दूसरी बार है जब हमजा ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर इलाही को हराया है। पिछली बार उन्हें 16 अप्रैल को जीत मिली थी लेकिन उन्हें शपथ दिलाने में कई दिनों की देरी हुई थी क्योंकि तत्कालीन गवर्नर उमर सरफराज चीमा ने उन्हें शपथ दिलाने से इनकार कर दिया था। बाद में नेशनल असेंबली के अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ ने लाहौर उच्च न्यायालय के निर्देशों पर 30 अप्रैल को उन्हें शपथ दिलायी थी। पीएमएल-क्यू के 10 सदस्यों के मतों को खारिज करने के मजारी के फैसले के बाद पीटीआई ने कहा कि वह इस निर्णय को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी। इलाही ने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय में इस फैसले को चुनौती देंगे क्योंकि उपाध्यक्ष ने अदालत के आदेश का उल्लंघन किया है। इससे पहले, पीटीआई के अध्यक्ष खान ने आगाह किया था कि अगर जनादेश को पलटने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया गया तो देश में श्रीलंका जैसे हालात खड़े हो जाएंगे। वहीं, पीएमएल-एन नेता नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने कहा कि उनकी पार्टी ने शुक्रवार को जो किया वह खान की पार्टी को ‘‘जैसे को तैसा’’ जवाब है। मरियम ने ट्वीट किया, ‘‘पीएमएल-एन उसके साथ हुए बर्ताव को भूली नहीं है। अब खेल के नियम सभी के लिए समान होंगे, नहीं तो पीएमएल-एन इसे बेहतर तरीके से खेलना जानती है।