By दिव्यांशी भदौरिया | Oct 23, 2026
शरद पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है। शरद पूर्णिमा की रात चांदनी का दर्शन करना काफी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भहवान श्री कृष्ण और मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है।
लड्डू गोपाल को पहनाएं सफेद रंग की पोशाक
इस दिन आप कान्हा जी को सफेद रंग की चमकीली पोशाक जरुर पहनाएं। लड्डू गोपाल की पोशाक पर मोती, चांदी के रंग की लेस या हल्की चमक वाली कढ़ाई हो, तो इनके श्रृंगार में चार चांद लग जाएंगे। वहीं, आप लड्डू गोपाल को सफेद मोतियों की माला, सुंदर मुकुट और छोटी-सी बांसुरी जरुर पहनाएं अर्पित करें। शरद पूर्णिमा के दिन कन्हा जी को चंदन का तिलक जरुर लगाएं।
शरद पूर्णिमा के दिन लड्डू गोपाल के श्रृंगार में एक विशेष चीज और जुड़ जाती है, जैसे कि चांदनी। कुछ लोग इसे चंद्रिका आभूषण के नाम से भी पुकारते हैं। इसको तब पहनाएं, जब लड्डू गोपाल का स्पेशल श्रृंगार किया हो। असल में शरद पूर्णिमा का यह पर्व कान्हा जी को महारास के लिए तैयार किया जाता है, तो मुकुच के साथ चंद्रिका पहनाने से उनका रुप और भी ज्यादा मनमोहक बन जाता है।
सुबह स्नान और अभिषेक से करें शुरुआत
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके फिर पूजा स्थल की सफाई करें। अब लड्डू गोपाल को स्नान कराएं। ध्यान रखें कि लड्डूगोपाल को ब्रह्म मुहूर्त के बाद स्नान कराएं। खासतौर पर लड्डू गोपाल भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्परुप हैं और घर में उनकी सेवा एक बालक के भांति की जाती है, ऐसे में उन्हें सुबह जल्दी न उठाएं। कान्हा को स्वच्छ जल या फिर पंचामृत से स्नान जरुर कराएं। पंचामृत बनाने के लिए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का इस्तेमाल करें।
इसके बाद मुलायम और साफ कपड़े से लड्डू गोपाल को पोंछें। फिर उन्हें नई पोशाक पहनाएं और चंदन का तिलक लगाएं। अब फूलों से आसन सजाएं और दीपक जलाकर पूजा करें।
लड्डू गोपाल को लगाएं खीर और माखन-मिश्री का भोग
शरद पूर्णिमा के दिन कान्हा जी के लिए खीर जरुर बनाएं। गाय के दूध, चावल और चीनी से खीर जरुर बनाएं। इसके साथ ही लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री, फल और अन्य सात्विक मिठाइयों का भोग जरुर अर्पित करें।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखना चाहिए। इस दिन चंद्रमा की रोशनी से अमृत बरसता है। खीर को कुछ समय के लिए चांदमी में रखें, फिर इस खीर का सेवन परिवार समेत ग्रहण करें।