Shatavari for Women Health: पीरियड्स दर्द और PMS में शतावरी कितनी असरदार? जानें एक्सपर्ट राय

By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 31, 2026

महिलाओं के शरीर में समय-समय पर होने वाले हार्मोनल बदलाव उनकी पीरियड साइकिल और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। तनाव, खराब खानपान, नींद की कमी और अनियमित जीवनशैली के कारण कई महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, PMS, पीरियड्स के दौरान दर्द या गर्भधारण में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कुछ महिलाएं आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सहारा लेती हैं। हालांकि, किसी भी हर्बल चीज का इस्तेमाल विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना बेहतर होता है।

आयुर्वेद में शतावरी को महिलाओं के लिए उपयोगी जड़ी-बूटी माना जाता है। पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ और पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों के लिए किया जाता रहा है। शतावरी को पानी में उबालकर पीने का चलन भी है। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज या हार्मोन बैलेंस करने का निश्चित उपाय नहीं माना जाना चाहिए।

पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों में शतावरी का इस्तेमाल

 -शतावरी का पारंपरिक रूप से महिलाओं के हार्मोनल और रिप्रोडक्टिव स्वास्थ्य को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

-अनियमित पीरियड्स की समस्या में कुछ महिलाएं इसका सेवन करती हैं, हालांकि इसके प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।

-इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों के कारण इसे सूजन और सामान्य महिला स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है।

-PMS के दौरान होने वाली थकान, मूड में बदलाव और पेट फूलने जैसी परेशानियों में भी इसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता है।

-पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द या अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही हो, तो केवल शतावरी पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

फर्टिलिटी के लिए शतावरी के संभावित फायदे

शतावरी को आयुर्वेद में महिलाओं की प्रजनन क्षमता और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को सपोर्ट करने वाली जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है।

 -इसे महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम के लिए सहायक माना जाता है।

 - शतावरी में मौजूद पौधों से मिलने वाले प्राकृतिक यौगिक शरीर के सामान्य हार्मोनल स्वास्थ्य को सपोर्ट कर सकते हैं।

 -तनाव और मानसिक थकान का असर रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर पड़ सकता है। शतावरी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से शरीर को रिलैक्स करने के लिए भी किया जाता है।

- इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं।

-हालांकि, शतावरी से ओव्युलेशन, एग क्वालिटी या गर्भधारण की संभावना बढ़ने का दावा करने के लिए अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

शतावरी का पानी बनाने का तरीका

शतावरी का पानी तैयार करने के लिए करीब 2 शतावरी की स्टिक लें। इन्हें अच्छी तरह साफ करके 2 कप पानी में डालें। अब पानी को तब तक उबालें, जब तक इसकी मात्रा लगभग आधी न रह जाए। इसके बाद इसे छान लें और हल्का गुनगुना होने पर सेवन करें।

सेवन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

 शतावरी लेने से पहले इन बातों का विशेष ध्यान दें। खासतौर पर अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, आप नियमित रूप से दवाएं ले रही हैं, प्रेग्नेंट हैं या कंसीव की कोशिश कर रही हैं, तो शतावरी का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। 

प्रमुख खबरें

London में Kirandeep Kaur हत्याकांड के आरोपी पर अप्रैल में चलेगा मुकदमा

Aung San Suu Kyi को King Charles III द्वारा भेजी गईं पुस्तकें म्यांमा प्रशासन ने सौंपी

पूर्व डिप्टी सीएम KS Eshwarappa को आए दो धमकी भरे फोन, पुलिस में दी शिकायत

Delhi Police के सिपाही और उसके साथी ने किया अपहरण, डेढ़ लाख फिरौती मांगने पर गिरफ्तार