शिवसेना की राज्यपाल कोश्यारी को नसीहत, बेलगाम विवाद पर कर्नाटक के अपने समरक्ष से करें बात

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 02, 2020

मुंबई। शिवसेना ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपने कर्नाटक के समकक्ष से दक्षिणी राज्य के बेलगाम जिले में मराठी भाषी लोगों के साथ कथित तौर पर होने वाले ‘‘अत्याचार’’ के बारे में ‘‘कड़े शब्दों में’’ बात करनी चाहिए। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी की उस कथित टिप्पणी पर भी निशाना साधा गया कि जब तक सूरज और चांद का अस्तित्व रहेगा, बेलगाम तब तक कर्नाटक का हिस्सा रहेगा। इसमें कहा है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद (बेलगाम और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में) उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है और वह यह देखकर अपना फैसला नहीं सुनाएगा कि आसमान में सूर्य और चंद्रमा मौजूद हैं या नहीं। महाराष्ट्र बेलगाम पर भाषायी आधार पर दावा करता है लेकिन यह वर्तमान में कर्नाटक का एक जिला है जो कि पूर्ववर्ती ‘बॉम्बे प्रेसीडेंसी’ का हिस्सा था। रविवार को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्रियों ने बेलगाम के उन मराठी भाषी लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए काली पट्टी बांधी जो एक नवंबर को कर्नाटक के स्थापना दिवस को ‘‘काले दिवस’’ ​​के रूप में मनाते हैं। ‘सामना’ के संपादकीय में आरोप लगाया गया कि पिछले 60 वर्षों से कर्नाटक में संबंधित क्षेत्रों में मराठी लोगों, और संस्कृति पर ‘‘क्रूर हमले’’ किए जा रहे हैं और ‘काला दिवस’ मनाया जाना उसी की प्रतिक्रिया है। इसमें कहा है कि बेलगाम विवाद को छोड़कर, दोनों राज्यों में अन्य राज्यों की तुलना में मजबूत सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापार संबंध हैं, लेकिन जिस ‘‘क्रूर तरीके’’ से कर्नाटक में 20 लाख मराठी भाषी लोगों के साथ व्यवहार किया जाता है, उससे आक्रोश उत्पन्न होता है। 

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