शिवसेना ने नए कृषि कानूनों का कभी समर्थन नहीं किया: संजय राउत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 08, 2020

मुंबई। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने लोकसभा में तीनों कृषि कानूनों का कभी समर्थन नहीं किया और भाजपा गलत आरोप लगा रही है। वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल राकांपा ने कहा कि वार्ता के जरिए किसानों की समस्या का समाधान करना केंद्र सरकार का नैतिक दायित्व है। राउत ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ ‘भारत बंद’ कर रहे किसानों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बात करनी चाहिए। शिवसेना नेता ने यहां संवाददाताओं से कहा कि ‘‘गैर राजनीतिक बंद’’ को देशभर से लोगों का समर्थन मिल रहा है। राज्य में सत्तारूढ़ शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने ‘भारत बंद’ को अपना समर्थन दिया है। राउत ने भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस की उस टिप्पणी को खारिज किया कि शिवसेना ने लोकसभा में नए कृषि कानूनों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने ऐसा कभी नहीं किया। राउत ने कहा कि बंद में कोई राजनीति नहीं है और यदि सरकार के पास दिल है तो प्रधानमंत्री या गृह मंत्री को किसानों से बात करनी चाहिए। शिवसेना नेता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राकांपा प्रमुख शरद पवार किसानों के मुद्दे पर अन्य विपक्षी नेताओं के साथ बुधवार को निश्चित ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे। वहीं, राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यदि समाज के किसी तबके में नाराजगी है तो वार्ता के जरिए मुद्दे का समाधान करना सरकार का नैतिक दायित्व है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘किसान हमारा पेट भरते हैं। यदि समाज के किसी तबके में नाराजगी है तो वार्ता के जरिए मुद्दे का समाधान करना सरकार का नैतिक दायित्व है।’’ महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री एवं राकांपा नेता राजेश टोपे ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘किसानों को मेरा समर्थन है।’’ 

इस बीच, किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा लाए गए नए कृषि कानून कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाले हैं। पूर्व सांसद एवं स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने कहा कि केंद्र को बढ़ते दबाव के चलते कानून वापस लेने ही पड़ेंगे। संगठन के सदस्यों ने आज सुबह बंद के समर्थन में बुल्ढाना जिले में मलकपुर स्टेशन पर अहमदाबाद नवजीवन एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया। बुल्ढाना, जालना और औरंगाबाद में विभिन्न किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया। वहीं, किसान नेता रघुनाथ पाटिल ने राकांपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की आलोचना की और कहा कि उन्होंने कृषि मुद्दों पर हमेशा दोहरा रुख अपनाया है। पाटिल ने कहा कि पवार ने कभी भी किसानों के हितों का पूरी तरह समर्थन नहीं किया है और उन्होंने कॉर्पोरेट हितों की रक्षा करने की भी कोशिश की थी।

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