By अंकित सिंह | Jul 14, 2026
शिवसेना (UBT) ने सोमवार को अपने उन लोकसभा सदस्यों को औपचारिक चेतावनी जारी की, जिन्होंने पार्टी छोड़ी थी। यह चेतावनी उन खबरों के बाद दी गई जिनमें कहा गया था कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विलय का दावा करने की कोशिश कर रहे हैं। लोकसभा में शिवसेना (UBT) संसदीय दल के नेता अरविंद गणपत सावंत ने सांसदों - ओमप्रकाश राजे निंबालकर, नागेश अष्टिकर, संजय (बंदू) हरिभाऊ जाधव, संजय देशमुख और संजय दीना पाटिल - को एक विस्तृत पत्र भेजा। इसमें उन्होंने साफ किया कि मूल राजनीतिक पार्टी ने ऐसा कोई कदम उठाने की मंज़ूरी नहीं दी है।
उन्होंने आगे कहा कि शुरुआत में ही यह साफ़ कर दिया जाए कि असली राजनीतिक पार्टी होने के नाते, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने न तो श्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ और न ही किसी अन्य राजनीतिक पार्टी के साथ विलय की कोई पहल की है, न ही इसके लिए सहमति दी है और न ही इसकी अनुमति दी है। पार्टी के पक्ष प्रमुख (अध्यक्ष) उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने इस बात की साफ़ तौर पर पुष्टि की है।
13 जुलाई के पत्र में, सावंत ने साफ़ किया कि शिवसेना (UBT) ही वह असली राजनीतिक पार्टी है, जिसके चुनाव चिह्न और जनादेश पर ये सदस्य 2024 के लोकसभा चुनाव में चुने गए थे। उन्होंने कहा कि आप जिस मूल राजनीतिक पार्टी के चुनाव चिह्न, जनादेश और समर्थन के दम पर लोकसभा सदस्य चुने गए हैं, उसके बारे में आपको पता ही होगा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में आपको शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी ने टिकट दिया था। आपके चुनाव क्षेत्र की जनता ने श्री उद्धव बालासाहेब ठाकरे जी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए आपको शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नाम और चुनाव चिह्न पर चुना था। यह चुनाव मुख्य रूप से श्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा उतारे गए उम्मीदवारों के खिलाफ लड़ा गया था।
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