By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 13, 2021
मुंबई। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि जब पार्टी 2014 से 2019 के दौरान महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सत्ता में थी, तब उससे ‘‘गुलामों’’ की तरह व्यवहार किया गया और उसे राजनीतिक तौर पर समाप्त करने की कोशिश की गईं। राउत ने शनिवार को उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव में शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पूर्ववर्ती सरकार में शिवसेना का दोयम दर्जा था और उसे गुलाम समझा जाता था। हमारे समर्थन के कारण मिली ताकत का दुरुपयोग करके हमारी पार्टी को समाप्त करने की कोशिश की गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भले ही शिव सैनिकों को कुछ नहीं मिला, लेकिन हम गर्व से कह सकते हैं कि राज्य का नेतृत्व शिवसेना के हाथ में है। महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार का (नवंबर 2019 में) इसी भावना के साथ गठन हुआ था।’’ विधानसभा चुनाव के बाद नवंबर 2019 में त्रिपक्षीय सरकार के गठन से पहले के घटनाक्रम को याद करते हुए राउत ने कहा कि वरिष्ठ राकांपा नेता अजित पवार, जिन्होंने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा के साथ सरकार बनाने के लिए कुछ समय के लिए पाला बदल लिया था, वे अब “एमवीए के सबसे मजबूत प्रवक्ता” हैं। अजित पवार के साथ बनी फडणवीस के नेतृत्व वाली दूसरी सरकार सिर्फ 80 घंटे तक चली थी। राउत ने कहा, ‘‘... राजनीति में कुछ भी हो सकता है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।