By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2026
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने जा रहे डी के शिवकुमार ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को लगातार दूसरी आईपीएल जीत पर सोमवार को बधाई दी, लेकिन साथ ही टूर्नामेंट का अंतिम मुकाबला अहमदाबाद में कराने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे राज्य के युवाओं के साथ ‘‘अन्याय’’ करार दिया। शिवकुमार ने दावा किया कि बेंगलुरु को फाइनल मैच की मेजबानी के अवसर से वंचित कर दिया गया।
शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अंतिम मुकाबला कर्नाटक (बेंगलुरु) में होना चाहिए था, हमने इसकी अनुमति दी थी। लेकिन गुजरात ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इसे छीन लिया। हम यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी तैयारी कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसा न हो। इसमें थोड़ा समय लगेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे स्टेडियम और युवाओं के साथ अन्याय हुआ होगा, लेकिन यहां की आरसीबी टीम ने शानदार खेल दिखाया। मैं उन्हें बधाई देता हूं। कर्नाटक राज्य और यहां के सभी आरसीबी प्रशंसकों की ओर से मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कर्नाटक का नाम रोशन किया है।’’
एक सवाल के जवाब में शिवकुमार ने कहा, ‘‘बेंगलुरु और कर्नाटक के युवाओं के साथ अन्याय हुआ है, क्योंकि फाइनल यहां खेला जाना था। इसे अहमदाबाद ले जाया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक चैंपियन हमेशा चैंपियन होता है... पिछली बार जो हुआ, उसे हम सबने भुला दिया है और नयी शुरुआत की ओर बढ़े हैं। सफलता की कहानी यहां है, सभी ने बहुत अच्छा खेला। मैं आरसीबी टीम को बधाई देता हूं।’’
इससे पहले आईपीएल अध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा था कि अपेक्षाकृत कम क्षमता वाले बेंगलुरु के मैदान पर राज्य सरकार की ओर से मुफ्त टिकटों की अत्यधिक मांग के कारण वहां फाइनल कराना ‘‘असंभव’’ हो गया था। हालांकि, निवर्तमान राज्य के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा था कि उनकी जानकारी के अनुसार बीसीसीआई ने व्यावसायिक व्यवहार्यता को देखते हुए फाइनल बेंगलुरु से अहमदाबाद स्थानांतरित किया होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों को टिकट देने का फाइनल स्थल बदलने से कोई संबंध नहीं है।
मार्च में राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शिवकुमार ने घोषणा की थी कि प्रत्येक विधायक को आईपीएल मैचों के लिए तीन-तीन नि:शुल्क टिकट दिए जाएंगे। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए दो मानार्थ टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर वे दो अतिरिक्त टिकट खरीद भी सकेंगे। यह फैसला शहर के चिन्नास्वामी स्टेडियम का प्रबंधन करने वाले कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के बाद लिया गया था। पिछले वर्ष जून में आरसीबी के पहले आईपीएल खिताब के बाद जल्दबाजी में आयोजित विजय समारोह में एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी, जिसमें 11 प्रशंसकों की जान चली गई थी।