By अंकित सिंह | Sep 30, 2026
चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) और विपक्षी गठबंधन की अलग-अलग बैठकों के बाद, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर तीखा हमला बोला। चौहान ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और उसमें राहुल गांधी की हैसियत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को अभी तक INDIA गठबंधन के निर्विवाद नेता के तौर पर स्वीकार नहीं किया गया है। उनके ये बयान विपक्षी दलों द्वारा विरोध-प्रदर्शन के साझा कार्यक्रम की घोषणा के कुछ घंटों बाद आए। इस कार्यक्रम में 2 से 8 अक्टूबर तक लोकतंत्र बचाओ मार्च और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च शामिल है।
चौहान ने INDIA गठबंधन के लोकतंत्र बचाओ मार्च शुरू करने के फैसले पर भी निशाना साधा। उन्होंने इसे वंशवाद बचाओ मार्च करार दिया और आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं के बजाय एक राजनीतिक परिवार को बचाने की कोशिश कर रहा है। इन्होंने 2 से लेकर 8 अक्टूबर तक का एक कार्यक्रम घोषित किया है। यह "Save Democracy" मार्च नहीं, बल्कि "Save Dynasty" मार्च है। लेकिन लोगों ने तय कर लिया है कि अब वंशवादी राजनीति नहीं चलेगी। राहुल गांधी ने पहले बंगाल में बीजेपी की जीत के लिए ममता बनर्जी को दोषी ठहराया था। फिर भी, जब भी चुनाव आते हैं, कांग्रेस अपनी राजनीतिक नाकामियों पर विचार करने के बजाय संस्थाओं पर सवाल उठाने और संवैधानिक निकायों का राजनीतिकरण करने लगती है।
उन्होंने कहा कि सच बात तो ये है कि INDI गठबंधन राहुल गांधी को नेता मानने के लिए ही तैयार नहीं है। ये अपने आप को फिर से रिलॉन्च करने की कोशिश कर रहे हैं। INDI गठबंधन तो राहुल को नेता मानता ही नहीं, लेकिन कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक में भी राहुल गांधी कह रहे थे कि मुझ पर भरोसा करो, मुझ पर विश्वास करो। मतलब कांग्रेस को ही राहुल गांधी जी पर भरोसा नहीं है। INDI गठबंधन की बैठक का नतीजा क्या निकला? शून्य विजन, 100% हताशा, और हार का एडवांस बहाना। आने वाले चुनाव के पहले ही इन्होंने अपनी हार की भूमिका बना ली है।