By अंकित सिंह | Oct 27, 2026
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाले कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने इसे कांग्रेस के पतन का संकेत बताया और आरोप लगाया कि पार्टी दिवाली से ठीक पहले जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है। मध्य प्रदेश के भोपाल में मीडिया से बात करते हुए, चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए अराजकता फैलाना चाहती है और उसका जनता की भावनाओं से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। उन्होंने कांग्रेस के एक कार्यकर्ता से जुड़ी घटना का भी जिक्र किया और कहा कि पार्टी के सदस्यों ने उस कार्यकर्ता की बातों को गलत समझ लिया था।
इससे पहले मंगलवार को, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली पुलिस पर दबाव डाल रही है, ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रस्तावित "जन महाभियोग" (public impeachment) विरोध प्रदर्शन को बाधित किया जा सके। यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision) में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
वेणुगोपाल ने बताया कि 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक दिल्ली के रामलीला मैदान का इस्तेमाल करने की आधिकारिक मंजूरी मिलने के बावजूद, पुलिस के दखल के कारण सप्ताहांत पर मैदान की तैयारी का काम रोक दिया गया। उन्होंने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई कोई स्वतंत्र प्रशासनिक फैसला नहीं थी, बल्कि केंद्र सरकार के उच्च स्तर से मिले निर्देश के तहत की गई थी। इसके अलावा, चौहान ने किसानों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और घोषणा की कि प्रधानमंत्री मोदी 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा से 'पीएम-किसान' योजना के तहत 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करेंगे।