By अभिनय आकाश | Apr 21, 2025
एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के संभावित राजनीतिक पुनर्मिलन की खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना (यूबीटी) सुप्रीमो पर तीखा हमला किया और दावा किया कि उन्होंने अपने चचेरे भाई को अविभाजित पार्टी के भीतर कभी उभरने नहीं दिया। शिवसेना प्रवक्ता और ठाणे के सांसद नरेश म्हास्के ने भी उद्धव ठाकरे को आधुनिक दुर्योधन बताया। म्हास्के ने इस कथित विचार-विमर्श का श्रेय उद्धव ठाकरे की राजनीति में प्रासंगिक बने रहने की कोशिश को दिया। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) नेता राज ठाकरे की ओर इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि उनकी पार्टी में भीड़ जुटाने वाले नेताओं की कमी है।
म्हास्के ने जोर देकर कहा कि राज ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) के प्रलोभनों में नहीं फंसेंगे। उन्हें अविभाजित सेना से बाहर निकाल दिया गया था। अब वे चाहते हैं कि वे डूबते जहाज पर सवार हो जाएं - लेकिन राज कोई भोले-भाले राजनेता नहीं हैं। उन्होंने शिवसेना पर वक्फ अधिनियम पर उनके रुख का हवाला देते हुए हिंदुत्व पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।।