कांग्रेस के हाथ का साथ छोड़ने के मूड़ में हैं उद्धव! Shivsena UBT ने Congress से पूछा- INDIA गठबंधन जमीन में दब गया या हवा में गायब हो गया?

By नीरज कुमार दुबे | Apr 12, 2025

कांग्रेस के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों ने लोकसभा चुनावों से पहले इंडिया नामक गठबंधन बनाया। लेकिन यह गठबंधन ना तो लोकसभा चुनावों में और ना ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कोई कमाल दिखा पाया। लोकसभा चुनावों से पहले इस गठबंधन की बड़े-बड़े शहरों के पांच सितारा होटलों में शानदार बैठकें हुआ करती थीं लेकिन उसके बाद से इस गठबंधन की कोई बैठक ही नहीं बुलाई गयी। लगता है कि सत्ता हासिल करने के लिए बना गठबंधन सत्ता की उम्मीदें टूटने के साथ ही बिखर चुका है।

सामना ने साधा कांग्रेस पर निशाना

इस चुप्पी को तोड़ने का काम सबसे पहले किया है उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) ने। उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस को ‘इंडिया’ गठबंधन की स्थिति के बारे में बात करनी चाहिए और अहमदाबाद में पार्टी के हालिया अधिवेशन में विपक्षी गठबंधन के बारे में सवालों का जवाब देना चाहिए था। शिवसेना (उबाठा) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय लेख में कहा कि कांग्रेस ने अहमदाबाद के पार्टी अधिवेशन में केवल अपने बारे में बात की और ‘इंडिया’ या भारत कहीं भी चर्चा में नहीं था। पार्टी ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन की स्थिति क्या है, इस पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस को अपने अहमदाबाद अधिवेशन में इस पर विचार करना चाहिए था।’’ शिवसेना (उबाठा) ने सवाल करते हुए कहा, ‘‘गठबंधन का क्या हुआ? क्या यह जमीन में दब गया या हवा में गायब हो गया? इस सवाल का जवाब देने की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष की है।’’

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हम आपको बता दें कि कांग्रेस ने 8-9 अप्रैल को गुजरात में अपना अधिवेशन आयोजित किया। राज्य में कांग्रेस दो दशकों से सत्ता से बाहर है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने अधिवेशन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। शिवसेना (उबाठा) ने बिहार, गुजरात और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस का रुख भी जानना चाहा। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल कांग्रेस की सहयोगी है, जबकि गुजरात और पश्चिम बंगाल में ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दल आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस भी चुनाव मैदान में होंगे। शिवसेना (उबाठा) ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने गुजरात में अपना अधिवेशन आयोजित किया, लेकिन लोकसभा चुनावों में पार्टी ने 2014 के बाद इस पश्चिमी राज्य में केवल एक सीट जीती।’’ सामना के संपादकीय में कहा गया है कि कांग्रेस को मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश में प्रयास करने की जरूरत है, पार्टी को लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में सफलता मिली, लेकिन राज्य विधानसभा चुनावों में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा, ‘‘इस हार के लिए कांग्रेस के अंदरूनी मसलों के साथ-साथ भाजपा के घोटाले भी उतने ही जिम्मेदार हैं। इस पर उसे (कांग्रेस) विचार करना होगा।'' बहरहाल, देखना होगा कि शिवसेना यूबीटी के बाद इंडिया गठबंधन के अन्य दल कांग्रेस से क्या सवाल पूछते हैं?

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