By अनन्या मिश्रा | Apr 16, 2026
सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं में इसको लेकर असमंजस बढ़ गया है कि क्या एक वर्ष का B.Ed कोर्स फिर से शुरू हो पाएगा। पिछले साल जनवरी में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ने ड्रॉफ्ट रेगुलेशंस में एक वर्ष के बीएड कोर्स की बहाली शामिल हुई थी। वहीं एक वर्ष का कोर्स लागू करने की भी तैयारी की जा रही थी। लेकिन 23 मार्च 2026 को लोकसभा में एक लिखित सवाल का जवाब दिया गया।
साल 2014 में एक साल का बीएड कोर्स बंद कर दिया गया था। साल 2015 में इस कोर्स के आखिरी बैच की पढ़ाई पूरी हुई थी। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के तहत देश में 4 वर्ष का ग्रेजुएशन कोर्स लागू किया गया। इसके बाद एनसीटीई के ड्रॉफ्ट रेगुलेशंस में कहा गया है कि एक साल का बीएड कोर्स वह स्टूडेंट्स कर पाएंगे। जिन्होंने या तो 4 साल की ग्रेजुएशन की होगी या फिर पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद वह इस कोर्स के लिए एलिजिबल होंगे।
जो स्टूडेंट्स तीन साल की ग्रेजुएशन करेंगे। वह दो साल के बीएड कोर्स के लिए एलिजिबल होंगे। देश में अब काफी यूनिवर्सिटी में 4 साल का ग्रेजुएशन शुरू हो चुका है। इस 4 साल का कोर्स करने के बाद जो भी स्टूडेंट्स टीचर बनना चाहते हैं, उनके लिए एक साल के बीएड कोर्स का लक्ष्य रखा गया। लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय के इस जवाब के बाद फिलहाल 1 साल कोर्स शुरू होने की संभावनाएं नहीं नजर आ रही हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिश के हिसाब से शिक्षा मंत्रालय ने 4 साल का इंटीग्रेटिड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किया गया है। जोकि साल 2026 में 285 संस्थानों में पढ़ाया जाए। बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड के ऑप्शन स्टूडेंट्स के पास हैं। पिछले सालों की तुलना में आने वाले सत्र में 4 साल के टीचिंग कोर्स में जहां सीटों की संख्या 350% से ज्यादा इजाफा हुआ है। वहीं साल 2025 में सिर्फ 77 संस्थानों में 6,100 सीटें थीं और अब 22,950 सीटें होंगी।