By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 20, 2026
भारत के वनडे कप्तान शुभमन गिल ने ‘हर दूसरे या तीसरे मैच’ के बाद गेंदबाजों के चोटिल होने की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या वे अगले साल होने वाले विश्व कप जैसे लंबी अवधि के टूर्नामेंट को देखते हुए अपनी फिटनेस को गंभीरता से ले रहे हैं। तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम इंग्लैंड से 1-2 से हार गई। रविवार को खेले गए निर्णायक तीसरे मैच में भारत को इंग्लैंड ने 27 रन से हराया। सीरीज शुरू होने से पहले ही ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और नितीश रेड्डी चोट के कारण बाहर हो गए थे।
अगर आप टीम पर गौर करें तो हमने जो पहली टीम घोषित की थी, उसमें से कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेले।’’ उन्होंने तीसरे मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाता है तो आपको अलग संयोजन आजमाना पड़ता है। अगर दो खिलाड़ी बाहर होते हैं तो फिर आपको फिर से अपना संयोजन तैयार करना पड़ता है। अगर हर मैच के बाद ऐसा होता रहा और कोई खिलाड़ी बाहर हो जाता है तो उससे टीम के प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ता है।’’
गिल की चिंता यह है कि अगर खिलाड़ी इसी तरह से कुछ मैच के बाद चोटिल होते रहे तो अगले साल अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप में उसकी परेशानी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम विश्व कप को ध्यान में रखें तो हमें लगातार 11 मैच (फाइनल सहित) खेलने होंगे। यहां खिलाड़ी 2-3 मैचों की सीरीज भी पूरी नहीं खेल पा रहे हैं। इसलिए कहीं न कहीं यह बात समझ से परे है कि हमारे खिलाड़ी लगातार मैच क्यों नहीं खेल पा रहे हैं।’’
भारतीय कप्तान ने हालांकि किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया लेकिन वह इस बात से नाराज थे कि उनमें से कुछ खिलाड़ी मैच की सुबह खेलने के लिए अयोग्य पाए गए। उन्होंने कहा, ‘‘वे एक या दो मैच खेलते हैं। अगर कोई छोटी-मोटी चोट या कुछ और हो जाता है तो हमें मजबूरन अलग संयोजन के साथ खेलना पड़ता है।
इसलिए इन सब बातों को देखते हुए यह थोड़ा मुश्किल है कि सुबह लेकर अगर आपको पता चले कि इस खिलाड़ी को मामूली चोट है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आप जोखिम लेना चाहते हैं।’’ गिल ने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि एक टीम के रूप में हमें अपनी फिटनेस या इस तरह की चीजों में सुधार करने की जरूरत है।