By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दान के पैसों की चोरी का गंभीर आरोप सामने आया है। मंदिर के ट्रस्टियों ने दावा किया है कि हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और उन्होंने इस मामले की सरकारी जांच की मांग की है। ट्रस्टियों का मानना है कि इस चोरी में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
इस गंभीर आरोप के बाद, ट्रस्टियों ने सीधे सरकार से हस्तक्षेप करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनका कहना है कि उनके पास ऐसे "ठोस कारण" हैं जिनके आधार पर वे यह विश्वास करते हैं कि यह घोटाला केवल छोटे कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने इस बात की भी आशंका जताई है कि इसमें मंदिर प्रशासन से जुड़े उच्च पदस्थ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
ट्रस्टियों ने अपनी मांग में यह भी कहा है कि जांच के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी गहराई से पड़ताल की जानी चाहिए। यह पहली बार है जब सिद्धिविनायक मंदिर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह के गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे भक्तों के बीच भी चिंता का माहौल है।
फिलहाल, सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, ट्रस्टियों की यह मांग मामले की गंभीरता को दर्शाती है और उम्मीद है कि जल्द ही इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि मंदिर के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।