By दिनेश शुक्ल | Aug 13, 2020
भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को सत्ता से बेदखल करने में अहम भूमिका निभाने वाले राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का इंदौर-उज्जैन दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा से राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 17 अगस्त को मध्य प्रदेश के इंदौर-उज्जैन के दौरे पर रहेंगे। सिंधिया के इस दौरे को प्रदेश में होने वाले 27 सीटों के उपचुनाव को लेकर अहम माना जा रहा है। सिंधिया अपने इंदौर- उज्जैन प्रवास के दौरान भाजपा के कई दिग्गज नेताओं से मुलाकात करेंगे। साथ ही वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के घर भी जाएगें।
मध्य प्रदेश विधानसभा की 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को देखते हुए सिंधिया का यह दौरा राजनीतिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि सिंधिया के इस दौरे से कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जो एक दूसरे को पार्टी स्तर पर स्वीकारने की हिचखिचाहट है। जिसे सिंधिया के इंदौर- उज्जैन दौरे से समाप्त करने की कोशिश करेंगे। सिंधिया के सबसे खास समर्थकों में सुमार इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक और शिवराज सरकार में मंत्री तुलसी सिलावट और इंदौर-2 में भाजपा नेता रमेश मेंदोला को टक्कर देने वाले उनके समर्थक मोहन सेंगर जो अब भाजपा में शामिल हो गए है उनके लिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की कोशिश सिंधिया की तरफ से होगी। क्योंकि 2018 विधानसभा चुनाव में सिंधिया समर्थक सभी कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस का झंड़ा उठाए भाजपा के खिलाफ थे अब वही सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हो चुके है। लेकिन उनकी भाजपा में स्वीकार्यता अभी पूरी तरह बनी नहीं है।