सिंधू और श्रीकांत की नजरें ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के खिताब पर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 25, 2019

नयी दिल्ली। पूर्व चैंपियन पीवी सिंधू और किदांबी श्रीकांत फार्म में उतार चढ़ाव से उबरते हुए 350000 डॉलर इनामी इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में एक बार फिर खिताब जीतने के इरादे से उतरेंगे।पेट में तकलीफ के कारण साइना नेहवाल के देश के इस शीर्ष बैडमिंटन टूर्नामेंट से हटने के बाद मंगलवार से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट में भारत की उम्मीदों का दारोमदार सिंधू और श्रीकांत पर होगा। पिछले साल दिसंबर में विश्व टूर फाइनल्स का खिताब जीतने वाली ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधू को चीन की शीर्ष वरीय और गत ऑल इंग्लैंड चैंपियन चेन यूफेई के मेडिकल कारणों से हटने के बाद महिला एकल खिताब जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। जापान की खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी का भी सिंधू को फायदा मिलने की उम्मीद है।

सिंधू ने नए सत्र में इंडोनेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई लेकिन प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड के पहले दौर में ही बाहर हो गई। वह हालांकि 2017 में खिताब जीतने के बाद पिछले साल भी इंडिया ओपन के फाइनल में पहुंचने में सफल रही थी और इसी प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेंगी। सिंधू अपने अभियान की शुरुआत हमवतन मुग्धा आग्रे के खिलाफ करेंगी और क्वार्टर फाइनल में उनकी भिड़ंत आठवीं वरीय डेनमार्क की मिया ब्लिकफेल्ट से हो सकती है। इस मुकाबले में जीत के बाद उन्हें चीन की तीसरी वरीय ही बिंगजाओ का सामना करना पड़ सकता है। इस विश्व टूर सुपर 500 प्रतियोगिता में रुशाली गुम्मादी और साई उत्तेजिता राव चुका जैसी युवा खिलाड़ी भी भारत की ओर से चुनौती पेश करेंगी। यह टूर्नामेंट तीसरे वरीय श्रीकांत के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पिछले 17 महीने से खिताब जीतने में नाकाम रहे हैं। गत चैंपियन और शीर्ष वरीय चीन के शी युकी के हटने के बाद 2015 के विजेता श्रीकांत और पूर्व विश्व चैंपियन डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन खिताब के प्रबल दावेदार हैं। एक्सेलसन ने लगातार तीन साल फाइनल में जगह बनाने के बाद 2017 में यह खिताब जीता था।

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वर्ष 2017 में चार खिताब जीतने वाले श्रीकांत 2018 में कोई खिताब नहीं जीत पाए। उन्होंने अपना पिछला खिताब 2017 में फ्रेंच ओपन के रूप में जीता था। गुंटूर के 26 साल के श्रीकांत अपने अभियान की शुरुआत हांगकांग के वोंग विंग की विन्सेंट के खिलाफ करेंगे और बाद में उन्हें हमवतन भारतीय समीर वर्मा या बी साई प्रणीत का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि ये तीनों ड्रा के एक ही हाफ में हैं। विश्व टूर फाइनल्स के सेमीफाइनल में पहुंचे पांचवें वरीय समीर अपने अभियान की शुरुआत डेनमार्क के रासमस गेम्के के खिलाफ करेंगे जबकि प्रणीत का सामना क्वालीफायर से होगा। आरएमवी गुरुसाईदत्त भी इसी हाफ में हैं और उन्हें पहले दौर में थाईलैंड के सितिकोम थामसिन से भिड़ना है। पुरुष एकल में इसके अलावा एचएस प्रणय, शुभंकर डे, अजय जयराम और पारूपल्ली कश्यप भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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एशियाई मिश्रित टीम चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के बाद यहां खेल रहे प्रणय का सामना पहले दौर में थाईलैंड के आठवें वरीय केंताफोन वांगचेरोन से होगा जबकि शुभंकर को इंडोनेशिया के चौथे वरीय टोमी सुगियार्तो से भिड़ना है। अपने करियर के दौरान चोटों से जूझते रहे अजय और कश्यप पहले दौर में क्रमश: चीनी ताइपे के वैंग जू वेई और हांगकांग के ली च्युक यियू से भिड़ेंगे। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी टूर्नामेंट से हट गई है क्योंकि शेट्टी कंधे की चोट से उबरने में नाकाम रहे हैं। उनकी गैरमौजूदगी में मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी की छठी वरीय जोड़ी भारत की चुनौती की अगुआई करेगी। अर्जुन एमआर और रामचंद्रन श्लोक तथा अरूण जार्ज और संयम शुक्ला की जोड़ी भी भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी तथा मेघना जक्कमपुडी और पूर्विशा एस राम की जोड़ी मैदान में होगी। मिश्रित युगल में प्रणव जैरी चोपड़ा और सिक्की से उम्मीदें होंगी।

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