By एकता | Sep 18, 2026
सिंघाड़े का मौसम भारत में बहुत कम समय के लिए आता है, इसलिए इस खास मौसमी फल को नजरअंदाज न करें। ताजा सिंघाड़ा स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व भी देता है। इसमें प्राकृतिक रूप से कम वसा होती है और यह पोटैशियम, विटामिन बी6, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनॉल का अच्छा स्रोत है। 100 ग्राम ताजे सिंघाड़े में करीब 115 कैलोरी होती है।
सिंघाड़े में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल पर वजन और शरीर में जमा होने वाली चर्बी को लेकर अध्ययन किए गए हैं। इन अध्ययनों में सिंघाड़े के अर्क ने वजन बढ़ने और शरीर में चर्बी जमा होने को कम किया। यानी सही मात्रा में ताजा सिंघाड़ा वजन को संभालने वाली डाइट का हिस्सा बन सकता है।
सिंघाड़े में मौजूद कुछ यौगिकों पर ब्लड शुगर से जुड़े अध्ययन भी हुए हैं। रिसर्च में देखा गया है कि ये यौगिक शरीर में ग्लूकोज के इस्तेमाल और जीएलयूटी4 की गतिविधि को बेहतर करने में भूमिका निभा सकते हैं। जीएलयूटी4 शरीर में ग्लूकोज को खून से मांसपेशियों की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है।
सिंघाड़े में मौजूद कुछ पॉलीफेनॉल पर कैंसर से जुड़ी शुरुआती प्रयोगशाला रिसर्च भी हुई है। कुछ अध्ययनों में इन पॉलीफेनॉल ने पेट, स्तन और आंत के कैंसर की कोशिकाओं की बढ़त को धीमा किया। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये प्रयोगशाला स्तर के अध्ययन हैं, इसलिए इन्हें इंसानों में कैंसर के इलाज का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
करीब 100 ग्राम ताजा या उबला हुआ सिंघाड़ा एक सामान्य मात्रा हो सकती है। इसे अपनी रोजाना की डाइट में कई आसान तरीकों से शामिल किया जा सकता है।
सिंघाड़े को उबालकर उसमें नींबू और मसाले डालकर खा सकते हैं। इससे सिंघाड़े की चाट या दही वाली चाट भी बनाई जा सकती है। इसके अलावा सिंघाड़े की सब्जी बनाकर, सलाद या दूसरी सब्जियों के साथ मिलाकर भी खाया जा सकता है। सिंघाड़े के आटे से चिल्ला या रोटी भी बनाई जाती है।
ताजे सिंघाड़े की तुलना में सिंघाड़े का आटा काफी ज्यादा कैलोरी वाला होता है। इसलिए अगर आप सिंघाड़े का आटा खा रहे हैं तो इसकी मात्रा थोड़ी कम रखना बेहतर है। ताजा सिंघाड़ा और सिंघाड़े का आटा एक जैसी मात्रा में खाने पर समान कैलोरी नहीं देते।