SIP ने तोड़ा हर Record, Equity Mutual Fund में बंपर निवेश, जानिए कहां लगा आपका पैसा

By Ankit Jaiswal | Jul 10, 2026

पिछले महीने की तुलना में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ा है और नियमित निवेश योजना यानी एसआईपी के जरिए अब तक का सबसे अधिक निवेश दर्ज किया गया है। हालांकि दूसरी ओर डेट म्यूचुअल फंड से बड़ी निकासी का सिलसिला लगातार दूसरे महीने भी जारी रहा है।

बता दें कि इक्विटी योजनाओं की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां भी बढ़कर 37.34 लाख करोड़ रुपये हो गई हैं, जबकि मई में यह आंकड़ा 36.14 लाख करोड़ रुपये था। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा शेयर आधारित योजनाओं में बना हुआ है।

हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में भी निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। जून में इस श्रेणी में 12,893 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो मई के 10,560 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फंड जोखिम और संतुलित निवेश का बेहतर विकल्प माने जाते हैं, इसलिए निवेशकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।

वहीं डेट म्यूचुअल फंड के लिए जून का महीना चुनौतीपूर्ण रहा है। इस श्रेणी से निवेशकों ने 1.09 लाख करोड़ रुपये निकाल लिए, जबकि मई में निकासी 96,949 करोड़ रुपये रही थी। लगातार दूसरे महीने बड़ी निकासी होने से डेट फंड की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां घटकर 17.38 लाख करोड़ रुपये रह गईं, जो मई में 18.25 लाख करोड़ रुपये थीं।

गौरतलब है कि जून महीने की सबसे खास बात स्वर्ण ईटीएफ में निवेशकों की वापसी रही। मई में जहां इस श्रेणी से 725 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी, वहीं जून में इसमें 3,443 करोड़ रुपये का नया निवेश दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक लंबी अवधि के लिए सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

भारतीय म्यूचुअल फंड संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकट चलासानी ने कहा कि जून 2026 में म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां टोटल  एसेट अंडर मैनेजमेंट  बढ़कर 82.22 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई हैं। उन्होंने बताया कि इक्विटी योजनाओं में लगातार 64वें महीने भी शुद्ध निवेश दर्ज किया गया है। इसके अलावा एसआईपी के जरिए 31,781 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश हुआ, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे और लंबी अवधि के अनुशासित निवेश की सोच को दर्शाता है।

अगर निवेशकों की पसंद की बात करें तो जून में सबसे अधिक निवेश मिडकैप फंड में हुआ। इस श्रेणी में 6,090 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसके बाद स्मॉलकैप फंड में 5,602 करोड़ रुपये, फ्लेक्सीकैप फंड में 5,231 करोड़ रुपये, लार्ज और मिडकैप फंड में 4,321 करोड़ रुपये तथा मल्टीकैप फंड में 3,070 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया। अकेले मिडकैप और स्मॉलकैप योजनाओं में कुल 11,692 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो कुल इक्विटी निवेश का लगभग 40 प्रतिशत से अधिक है।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया की वरिष्ठ विश्लेषक नेहल मेश्राम का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता के बावजूद जून में इक्विटी निवेश में आई तेजी यह दिखाती है कि निवेशकों का भरोसा कायम है। उनके अनुसार, मिडकैप और स्मॉलकैप योजनाओं में लगातार बढ़ता निवेश इस बात का संकेत है कि निवेशक बेहतर वृद्धि की संभावना वाले क्षेत्रों पर भरोसा जता रहे हैं।

इस बीच, इनक्रेड मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितिन अग्रवाल ने कहा कि स्वर्ण ईटीएफ में निवेश की वापसी यह दर्शाती है कि निवेशक अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने के लिए सोने को अभी भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। उनका मानना है कि बाजार में अस्थिरता के बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना एक भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। कुल मिलाकर जून के आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों का रुझान फिर से इक्विटी और संतुलित योजनाओं की ओर बढ़ रहा है, जबकि सुरक्षित माने जाने वाले डेट फंड से फिलहाल दूरी बनी हुई है।

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