By अनन्या मिश्रा | Aug 07, 2025
हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाता है। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर भद्राकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक भद्रा शनिदेव की बहन है और उनको अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि भद्राकाल में किया गया शुभ कार्य फलदायी नहीं होता है, तो कई बार इसका विपरीत प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। कहा जाता है कि लंकापति रावण की बहन उसको भद्रा काल में राखी बांधती थी, जिसके बाद रावण का विनाश हो गया था। इसलिए भद्रा रहित काल में ही बहनों को अपने भाई के राखी बांधनी चाहिए।
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करते समय दिशा का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि सही दिशा में बैठकर पूजा करने या कोई भी शुभ अनुष्ठान करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक राखी बांधते समय भाई का मुख हमेशा पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। पूर्व दिशा को सूर्योदय की दिशा माना जाता है। जोकि सकारात्मक और नई शुरूआत का प्रतीक होता है। इस दिशा में मुख करके बैठने से भाई को आरोग्य और दीर्घायु की प्राप्ति होती है।